News Flash
doctors hospital

चुराह के ग्रामीणों को पेश आ रही कई परेशानियां

जावेद खान। चुराह
उपमंडल चुराह की एक लाख आबादी के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए महज दो चिकित्सक तैनात हैं। 50 बिस्तर के सिविल अस्पताल तीसा में 45 पंचायतों की करीब एक लाख आबादी को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। औपचारिकता के लिए दो डॉक्टर हैं, लेकिन अधिकतर समय एक ही डॉक्टर मिलता है। यहां बीएमओ का पद रिक्त होने के कारण एक डॉक्टर उनका पद संभालता है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में व्यस्त रहते हैं।

ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों को घंटों बैठकर अपनी बारी का इंतजार रहता है। आपातकाल स्थिति में तो आलम यह हो जाता है ओपीडी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं होता है आपातकाल स्थिति में डॉक्टर को दूसरे मरीजों को देखना पड़ता है, जिस कारण ओपीडी में मरीजों को घंटो डॉक्टर का इंतजार रहता है। लोगों की मानें तो सरकार की ओर से तीसा अस्पताल के लिए कई साल से पूरा स्टाफ मुहैया नहीं करवाया गया है। चुनाव आते ही यह सभी मुद्दे राजनीति करने के लिए लोगों को वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

मरीज की थोड़ी भी स्थिति खराब हो जाए, तो उसे चंबा या टांडा रेफर कर दिया जाता है

आम जनता के लिए के लिए तीसा अस्पताल एक मात्र सहारा बचता है, लेकिन जहां पर सुविधाएं प्रदान नहीं होती हैं तो लोग निराश होकर अपने आप को कोसते हैं। अगर मरीज की थोड़ी भी स्थिति खराब हो जाए, तो उसे चंबा या टांडा रेफर कर दिया जाता है। महिला विशेषज्ञ न होने से बढ़ी परेशानी तीसा अस्पताल में महिला विशेषज्ञ न होने से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ४५ पंचायतों को सेवाएं प्रदान कर रहे इस अस्पताल में महिला डॉक्टर का न होना एक चिंता का विषय है।

कई बार मांग करने पर भी कोई हल नहीं निकला। तीसा अस्पताल रात के समय सिर्फ स्टाफ नर्सों के हवाले होता है। आपातकालीन सेवा के लिए रात या सुबह-शाम कोई डॉक्टर तैनात नहीं होता है। दो वर्ष पूर्व एक आपातकाल में आए मरीज को डॉक्टर न मिलने के कारण जान से हाथ धोना पडा था, इस पर लोगों ने काफी हंगामा भी किया था। लेकिन प्रशासन और सरकार ने उसके बाद भी कोई उचित कदम नहीं उठाया है।

तीसा अस्पताल में कई दशक से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। लोगों को आपातकाल स्थिति में सीटी स्कैन व अल्ट्रासाउंड के लिए चंबा का रुख करना पड़ता है। सरकार को तीसा अस्पताल में रिक्त पड़े पदों के बारे में अवगत करवाया है। उधर, विधानसभा उपाध्यक्ष हंस राज का कहना है कि जल्द ही प्रदेश सरकार की ओर से तीसा में रिक्त पद भरने की कवायद शुरू कर दी जाएगी। भाजपा सरकार ने कभी भी चुराह की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया है।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams