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मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना का ऊना में शुभारंभ

कंवर बोले, स्वरोजगार से स्वावलंबी बनाने में मददगार बनेगी योजना

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। ऊना
ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पशु एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयायरत है। वीरेंद्र कंवर बुधवार को जिला परिषद् सभागार ऊना में मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।

मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में सरकार ने युवाओं के लिए ये एक अनूठी पहल की है तथा इस योजना के लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये कैपिटल सबसिडी का प्रावधान रखा है। मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना के माध्यम से प्रदेश के 18-40 वर्ष आयु वर्ग के युवा इस योजना का सीधा लाभ उठा सकते हैं।

उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए योजना बारे विस्तृत जानकारी दी

इस योजना के माध्यम से सरकार 30 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर पुरुषों को 25 प्रतिशत, जबकि महिलाओं को 30 प्रतिशत कैपिटल सबसिडी का प्रावधान रखा गया है, साथ ही तीन वर्ष तक ब्याज दरों में छूट के साथ-साथ यदि युवा समय पर ऋण का भुगतान कर देता है तो उसे दोबारा ऋण प्रदान करने का भी प्रावधान किया गया है। बैंक द्वारा दिए गए 30 लाख रुपये तक के ऋण के लिए ब्याज दर पर प्रथम वर्ष के लिए आठ प्रतिशत तथा शेष दो वर्षों के लिए 2 प्रतिशत उपदान का भी प्रावधान किया गया है।

इससे पहले उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए योजना बारे विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर कृषक ऊपज एवं मंडी समिति के अध्यक्ष बलवीर बग्गा, कुटलैहड़ भाजपा मंडलाध्यक्ष मनोहर लाल, उप-निदेशक एवं परियोजना अधिकारी डीआरडीए राजेंद्र गौत्तम, बीडीओ ऊना राज कुमार, प्रसार अधिकारी उद्योग केएल वर्मा सहित विभिन्न पंचायतों के प्रधान, उप-प्रधान, सचिव, ग्रामीण रोजगार सेवक सहित अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।

22 प्रकार के स्वरोजगार से जुड़े

कंवर ने कहा कि इस योजना के माध्यम से युवा 22 प्रकार के स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न व्यवसाय जिनमें दुकान या भोजनालय खोलना, गौ सदन बनाना, सामुदायिक रसोई घर, टूर ऑपरेटर, जीरो बजट प्राकृतिक खेती इकाई, परंपरागत हस्थकरघा, साहसिक पर्यटन इत्यादि अपनाकर स्वावलंबी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग को प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों की जांच के बाद महीने में एक दिन साक्षात्कार लिया जाएगा, जिसमें बैंकर्स को भी बुलाया जाएगा, ताकि मौके पर ही आवेदकों को ऋण स्वीकृत हो सके तथा बार-बार बैंकों के चक्कर न लगाने पडें।

ये ही कर सकते हैं आवेदन

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 18-40 वर्ष तथा प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। इस योजना के अंतर्गत सभी निजी स्वामित्व तथा भागीदार फर्म भी लाभ हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। नई इकाइयों में विशेषतया हरित क्षेत्र की स्थापना वाले आवेदकों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को सामान्य ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के साथ-साथ समस्त दस्तावेज, जिनमें आधारकार्ड, हिमाचली प्रमाणपत्र, जन्म तिथि का प्रमाणपत्र इत्यादि शामिल हैं को भी ऑनलाइन भेजना होगा।

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