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प्रदेश के 100 से अधिक अफसर ले रहे हैं ट्रेनिंग

विजिलेंस हेड क्वार्टर में चार दिन का इंडक्शन कोर्स शुरू

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
प्रदेश में विधानसभा चुनावी नतीजे से पहले विजिलेंस की टीम को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ विजिलेंस की भी नई जिम्मेदारी शुरू हो जाती है। हालांकि राज्य में सरकार किसकी बनेगी इसका फैसला 18 दिसंबर को होना है, लेकिन विजिलेंस मुख्यालय में नए अधिकारियों को कानून का पाठ पढ़ाया जा रहा है।

विजिलेंस हेड क्वार्टर में इन दिनों प्रदेश के सौ से अधिक पुलिस अधिकारियों को इंडक्शन कोर्स करवाया जा रहा है। चार दिन तक चलने वाले इस कोर्स में पुलिस अधिनियम, भारतीय संविधान, भारतीय दंड संहिता सहित भ्रष्टाचार से लडऩे की पूरी ट्रेनिंग दी जा रही है। इस इंडक्शन कोर्स में एसआई, इंस्पेक्टर और डीपीएसपी रैंक के पुलिस अधिकारी भाग ले रहे हैं।

कानून का पाठ पढ़ाने वाले सीबीआई और ईडी के अफसर हैं। गत सोमवार से शुरू हुए इस इंडक्शन कोर्स में भ्रष्टाचार के खिलाफ निष्पक्षता से जांच व कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। एडीजीपी विजिलेंस श्याम भगत नेगी, डीआईजी अरविंद शारदा, एएसपी विजिलेंस हेड क्वार्टर विरेंद्र कालिया सहित अन्य अफसर भी नए अधिकारियों को कोर्स करवा रहे हैं।

हर पांच साल बाद राजनीतिक चार्जशीट

प्रदेश में हर पांच साल बाद राजनीतिक दलों द्वारा जारी चार्जशीट विजिलेंस के लिए चुनौती बनती आ रही है। विपक्ष में रहकर सत्तापक्ष के खिलाफ चार्जशीट पर गौर उस वक्त होता है जब विपक्ष को सत्ता हासिल होती है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ चार्जशीट जारी की थी। इसकी जांच 2013 से शुरू हुई। हालांकि विजिलेंस ने पूर्व की कांग्रेस चार्जशीट पर जांच शुरू कर दी थी, लेकिन पांच साल बीतने पर भी अधिकांश आरोप साबित नहीं हुए।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लडऩे का संकल्प

राज्य विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लडऩे का संकल्प लिया है। इसके मद्देनजर विजिलेंस हेड क्वार्टर में 7 दिसंबर तक एसआई, इंस्पेक्टर और डीएसपी रैंक के अफसरों को इंडक्शन कोर्स करवाया जा रहा है। सीबीआई और ईडी के अधिकारी पुलिस अफसरों को कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई करने का पाठ पढ़ा रहे हैं। विजिलेंस में विपक्ष के खिलाफ कई ऐसे केस हैं, जिनकी जांच चली हुई है। लेकिन अभी तक किसी भी राज नेताओं के खिलाफ चालान पेश नहीं हो पाया।

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