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मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना की समीक्षा के आदेश

केंद्र की स्कीम को अपने नाम से शुरू करने के हैं आरोप

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
पूर्व कांग्रेस सरकार की एक और योजना पर संकट है। प्रदेश की जयराम सरकार ने वीरभद्र सिंह की मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना की समीक्षा के आदेश दिये हैं। दोनों शिक्षा निदेशालयों से एक सप्ताह के भीतर सारी जानकारी मांगी गई है। आरोप है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार की इस योजना को मुख्यमंत्री के नाम से यहां शुरू कर दिया, जबकि इसके लिए सारा धन केंद्र सरकार से आया।

सरकार के आदेशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने सभी डिप्टी डायरेक्टर्ज से जवाब मांगा है कि प्रदेश में कितने स्कूल मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना के तहत चल रहे हैं? प्रति स्कूल को कितनी राशि जारी की गई है? इस योजना के तहत कितने स्कूलों में काम चल रहा है और कितने स्कूल का काम खत्म हो गया है?

जानकारी के मुताबिक सभी डिप्टी डायरेक्टर्ज को ये भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना के तहत आए स्कूलों में वर्तमान में स्टॉफ की स्थिती कैसी है? इसमें शिक्षकों और बच्चों की संख्या की जानकारी भी मांगी गई है। इस योजना के तहत किस तरह से फंड का युटिलाइजेशन किया गया है? ये भी बताना होगा। प्रदेश सरकार ने ये जानकारी सात दिन के भीतर मांगी है।

139 स्कूल चुने थे, हर स्कूल को मिलने थे 40 लाख

मुख्यमंत्री आदर्श योजना के तहत राज्य सरकार ने 139 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को चुना था। इनमें से हर स्कूल को 40-40 लाख रुपये की धनराशि मिलनी थी। हालांकि ये फंड दिल्ली से आया था। केंद्र सरकार ने आदर्श विद्यालय योजना के नाम से इसे शुरू किया था। ये हिमाचल में मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना के नाम से आरंभ की गई। कई स्कूलों को ये पैसे भी चले गए हैं।

रिपोर्टर – दीपिका

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