assembly election hp

सुक्खू-विजय अग्निहोत्री के बीच निर्दलीय लेखराज का पेंच

लेखराज फूल के लिए कांटा ओबीसी का रुख भी अहम

ग्राउंड रिपोर्ट।। राजीव भनोट/ नादौन

हमीरपुर जिले की नादौन विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू मैदान में हैं। इसलिए यह हॉट सीट है। सुखविंदर सुक्खू यहां से पिछला चुनाव हार गए थे। ऐसे में नादौन में कौन जीतेगा या हारेगा इस बात की चर्चा कम है, ज्यादा चर्चा तो यह है कि सुक्खू का भविष्य क्या होगा? जब से सुक्खू प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने हैं, तब से सरकार व संगठन के बीच विवाद ही रहा और चुनाव में भी वीरभद्र सिंह ने नादौन हलके से दूरी ही बनाए रखी।

सुखविंदर सिंह सुक्खू अकेले मोर्चा चुनाव प्रचार में संभाले हुए हैं। उनकी पत्नी भी उनका साथ दे रही हैं। इस हलके में वीरभद्र सिंह समर्थकों की भी कमी नहीं है, चुनाव के इस माहौल में सुक्खू के प्रचार में वीरभद्र का न आना वीरभद्र सिंह समर्थकों के लिए कोई अंदरूनी संदेश है या फिर सुक्खू ने स्वयं ही वीरभद्र सिंह को अपने हलके में आने का न्यौता न दिया हो। खैर यह सब तो संगठन की अंदरूनी लड़ाई है। बहरहाल नादौन में मुख्य लड़ाई इस बार भी भाजपा-कांग्रेस के बीच है।

भाजपा के बागी चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार इन्हें परेशानी में डाले हुए

भाजपा से प्रत्याशी विजय अग्निहोत्री दूसरी बार मैदान में हैं। 2012 के चुनाव में विजय ने सुक्खू को हराया था। अब वह दूसरी बार विधायक बनने के लिए मेहनत कर रहे हैं। विजय को हमीरपुर जिला से CM प्रत्याशी घोषित होने के बाद कुछ संजीवनी तो मिल रही है, लेकिन इधर भी भाजपा के बागी चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार इन्हें परेशानी में डाले हुए हैं। भाजपा के बागी लेखराज जिला परिषद सदस्य हैं और विजय अग्निहोत्री की बेल्ट से ही संबंधित हैं।

इसलिए माना जा रहा है कि लेखराज फूल की राह में कांटे बिछा सकते हैं।विजय की पुराने वर्करों से दूरीनादौन हलके में भाजपा के प्रत्याशी विजय अग्निहोत्री यूं तो संगठन के व्यक्ति हैं और विद्यार्थी परिषद से भाजपा में आए हैं, लेकिन उन पर भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं से दूरी बनाने के आरोप हैं। कई भाजपा के पुराने कार्यकर्ता शायद उतने सक्रिय भी हलके में नजर नहीं आ रहे।

85432 मतदाता करेंगे फैसला

नादौन में कुल 85432 मतदाता है। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। यहां 43,086 महिलाएं व 42366 पुरुष मतदाता हैं। ऐसे में नादौन का विधायक वही बनेगा, जिसे मातृशक्ति का अधिक आशीर्वाद मिलेगा। हलके में ओबीसी मतदाता भी काफी संख्या में हैं। ऐसे में उनका रुख किस तरफ  होगा यह भी अहम होगा। यहां कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं विजय, सुक्खू, लेखराज को वजनदारमाना जा रहा है। बाकी 3 कीचर्चा कम है।

हलके से दूरी बनी परेशानी

नादौन हलके में हार के बाद 5 वर्ष सुखविंदर सुक्खू के निरंतर जनसंपर्क में कमी रही है। यहां तक कि उनकी गृह पंचायत में भी लोगों को इसकी शिकायत है। लोगों का मानना है कि सुक्खू से संपर्क करना मुश्किल होता था। आमने-सामने भी और फोन पर भी। ऐसे में हलके से दूरी सुक्खु के खिलाफ मुद्दा बन रहा है और यह भी सुक्खू को परेशानी में डाल सकता है।

उपलब्धि के नाम पर दोनों के पास ज्यादा कुछ नहीं

हलके में विकास होना चाहिए, यह मुद्दा है लेकिन दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने हिसाब से जनता को अपने काम गिना  रहे हैं। लेकिन सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व पानी के क्षेत्र में बहुत अधिक किया हो ऐसी उपलब्धि दोनों ही प्रत्याशियों के नाम नहीं है। ऐसे में विकास को लेकर भविष्य की योजनाएं बताकर मतदाता को प्रभावित करने का ही प्रयास हो रहा है। नतीजे पर सबकी नजर है।

संधोल की चार पंचायतें मतदान बहिष्कार के फैसले पर कायम

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams