News Flash

हिमाचल दस्तक चंद्रमोहन चौहान। ऊना : टीवी स्क्रीन पर दिखने वाले बड़े-बड़े उद्योग को लेकर हर किसी की मंशा अपने शहर में भी ऐसे उद्योग को देखने की होती है, ताकि उद्योग लगने से जहां शहर का विकास होगा, वहीं रोजगार के साधन भी बढ़ेगा। ऐसी ही एक प्लांट ऊना मुख्यालय पर लगने जा रहा है।

जर्मनी की एक कंपनी ने नगर परिषद ऊना के साथ एमओयू साईन किया है। कंपनी यूएसए की तर्ज पर जिला ऊना में बेस्ट कचरे से पानी, बिजली व ईंधन का निर्माण करेगी। यूएसए के बाद हिमाचल का जिला ऊना विश्व का पहला कस्बा है, जहां पर जर्मनी की एजी डॉटर्स कंपनी अपना प्लांट लगाएगी। इसके लिए कंपनी को 15 कनाल की जमीन हिमाचल सरकार द्वारा जिला ऊना में लीज पर दी जाएगी। इससे पहले कंपनी ने यूएसए में करीब डेढ़ दर्जन प्लांट लगाए हुए हैं। मंगलवार को नगर परिषद के अध्यक्ष अमरजोत बेदी व एजी डॉटर्स कंपनी के एमडी अजय गिरोट्रा के बीच एमओयू साईन हुआ। जिलाधीश ऊना राकेश प्रजापति की अध्यक्षता में हुए एमओयू में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी मौजूद रहे।
एजी डॉटर्स कंपनी के एमडी अजय गिरोट्रा ने बताया कि ऊना में आने वाला प्लांट दूनिया की सबसे बड़ी एडवांस तकनीक है। प्लाजमा गैसिफिकेशन टैक्रोलजी के तहत जिला ऊना का सारा कचरा पानी, बिजली व ईंधन मेें तबदील कर देंगे। कंपनी यूएनए के आधार पर जिला ऊना में अपना प्लांट लगाएग। कंपनी द्वारा जिला ऊना में एकत्रित होने वाले ठोस व तरल कूड़े को अपने प्लांट में ले जाकर बिजली, पानी व ईंधन में परिवर्तित करेगा। हमारे प्लांट से कोई धुंआ व राख नहीं निकलती। उन्होंने कहा कि पानी व डीजल का इस्तेमाल खाना पकाने के रूप में किया जा सकता है।

160 करोड़ का विदेशी निवेश होगा

अजय गिरोट्रा ने कहा कि कंपनी का कुल खर्चा 160 करोड़ रुपये तक होगा, जोकि विदेशी निवेश के जरिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्लांट में 20 मीट्रिक टन ठोस व तरल कचरे से 10 मेगावार्ट का उत्पादन करेगा, जो कि हिंदूस्तान में आज तक का रिकॉर्ड है। कोई भी कंपनी इतने कम कचरे में इतनी बिजली पैदा नहीं कर सकता।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams