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What will break the myth of the victory of Solan

लोकसभा में 1980 के बाद रहा सोलन का ही सांसद , 1977 में बीएलडी के बालक राम जीते थे शिमला से थे प्रत्याशी

रविंद्र पंवर। शिमला : देश में 17वीं लोकसभा के चुनाव के लिए मतदान का दिन आ गया है। आज ईवीएम में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला बंद हो जाएगा।

शिमला संसदीय सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान गहमा-गहमी जरूर रही, बावजूद इसके चुनावी माहौल एकदम शांत रहा। बावजूद इसके कि हलके के तहत सोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी चुनावी सभाएं कर गए। तब भी यहां के वोटर खामोश हैं और दोनों पूर्व सैनिकों को अपने-अपने नजरिए से तोल रहे हैं। यहां एक तरफ जहां भाजपा को मोदी के नाम का सहारा है तो कांग्रेस अपने उम्मीदवार की छवि को लेकर आश्वस्त है। साथ ही कांग्रेस को एक बड़ा संबल सोलन जिला से उम्मीदवार को लेकर है, जबकि भाजपा ने सिरमौर जिला से प्रत्याशी देकर दांव खेला है।

प्रदेश की राजधानी को कवर करने वाली शिमला संसदीय सीट पर सोलन जिला की जीत का मिथक टूट पाएगा या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा। शिमला संसदीय हलके में इस बार दो पूर्व सैनिक, भाजपा व कांग्रेस की तरफ से आमने-सामने हैं। भाजपा के सुरेश कश्यप वायुसेना और कांग्रेस के कर्नल धनीराम शांडिल थलसेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।

बता दें कि शिमला सीट पर आजादी के बाद से लेकर अधिकांश समय कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। यहां केवल 1977 की लहर में शिमला जिला से बीएलडी उम्मीदवार बालकराम ने कांग्रेस का गढ़ भेदा था। 1999 में हिविकां के कर्नल धनीराम शांडिल ने सिरमौर के गंगूराम मुसाफिर को हराया था। 2009 में शांडिल को भाजपा के वीरेंद्र कश्यप ने पटखनी दी थी और कश्यप ने 2014 में भी अपनी जीत के क्रम को जारी रखा था। ऐसे में साफ है कि शिमला संसदीय सीट पर ज्यादातर सोलन जिला के उम्मीदवारों का कब्जा रहा। जब-जब सोलन से बाहर का प्रत्याशी चुनाव में आया तो उस पार्टी की हार हुई।

अब इस बार फिर से कांग्रेस उम्मीदवार तो सोलन से हैं, लेकिन भाजपा ने सिरमौर को तवज्जो दी है। अब देखना है कि सोलन में हुई प्रधानमंत्री की चुनावी रैली सुरेश कश्यप को कितना लाभ दे पाती है या फिर से सोलन के शांडिल इस जिला के उम्मीदवार की जीत का मिथक बरकरार रख पाते हैं। इस सीट को जीतने के लिए भाजपा ने सोलन में पीएम और सिरमौर में भाजपाध्यक्ष अमित शाह की रैलियां करवाई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी यहां रैली करके गए हैं। अब वोटर्स का मूड क्या है, यह तो 23 मई को ही सामने आएगा।

वीरेंद्र कश्यप ने 84187 मतों से हराया था मोहन लाल ब्राक्टा को

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र कश्यप और कांग्रेस से मोहन लाल ब्राक्टा में मुकाबला हुआ था। इस दौरान वीरेंद्र कश्यप को 385973 और मोहन लाल ब्राक्टा को 301786 मत मिले थे। भाजपा के वीरेंद्र कश्यप 84187 मतों से शिमला संसदीय सीट पर कब्जा करने में कामयाब रहे थे।

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