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बेहतर टूरिस्ट स्पॉट होने पर भी सैलानियों को खींचने में नाकाम विभाग

देवेंद्र गुप्ता । मंडी
बेहतर टूरिस्ट स्पॉट होने बाद भी मंडी जिले में पर्यटक नहीं रूक पा रहे। हालांकि मंडी जिले से गुजरने वाले एनएच-21 से हजारों पर्यटक रोज मनाली पहुंच जाते हैं, मगर मंडी में इक्का-दुका ही रूक पाते हैं, जबकि मंडी शहर का अपना एक प्राचीन इतिहास है । जिला में बरोट, जंजैहली, चिंडी, पांगणा और कई पर्यटक स्थल है, जहां पर मनाली से भी सुंदर और मनमोहक स्थान है ।

हालांकि बरोट और जंजैहली में पुराने समय ये कई अंग्रेज पर्यटक आते थे। यही वजह है कि इन इलाकों में कई पुराने बंगले भी है । मगर सबसे बड़ा सवाला यही है कि टूरिज्म विभाग मंडी के लिए प्रयास तो कर रहा है, मगर धरातल पर पर्यटक नहीं पहुंच पा रहे है। मंडी के पर्यटन विभाग ने सलापड़ से लेकर पंडोह तक बड़े बड़े साइन बोर्ड लगाए है। जिन पर मंडी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की जानकारी लिखी गई है, जबकि मंडी शहर में आने से पहले विभाग ने दफ्तर के बाहर एक पर्यटन टावर लगाकर पूरी सूचनाएं उपलब्ध करवाई हैं।

धार्मिक पर्यटन की अपार संभावना

मंडी जिला में कई शक्तिपीठव प्राचीन मंदिर है। जिनके दर्शन करने के लिए हजारों श्रद्धालु से आते हैं। मंडी की शिकारी, हणोगी, नौबाही , मुरारी ,हाटेश्वरी कोयला माता सहित कई ऐसे धाम है । अगर इन धामों को और प्रचारित किया जाए तो इन धामों में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावना है।

क्या कहती है पर्यटन उपनिदेशिका

मंडी की पर्यटन उपनिदेशिका स्मृति ठाकुर ने बताया कि मंडी में पर्यटन बढ़ाने के लिए मंडी केे प्राचीन शहर छोटी काशी का सौंदर्यकरण किया जा रहा है। इसके अलावा नवंबर मेंं आल इंडिया लेवल की टै्रवल एजेंट मीट की जा रही है। उन्होंने कहा कि कई ऑनलाइन मशहूर टूरिजम ब्रांडों के साथ जोड़ा जा रहा है।

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