अमरावती: कृष्णा नदी में आई बाढ़ का प्रकोप कम होने के बावजूद आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गुंटूर जिलों में कई गांव और सैकड़ों एकड़ खेत अभी भी जलमग्न हैं। ग्यारह वर्षीय एक बच्ची की मौत के साथ ही राज्य में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या दो हो गई।

एनडीआरएफ के कर्मियों ने एक लड़की का शव बरामद किया जो शुक्रवार को कृष्णा जिले में उफनाई नदी में डूब गई थी। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि गुंटूर जिले में एक किसान की भी शुक्रवार को डूबकर मौत हो गई। स्टेट रीयल टाईम गवर्नेंस सेंटर के अनुसार तड़के जलस्तर अधिकतम 8.21 लाख क्यूसेक तक पहुंचने के बाद विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यह घटकर 7.99 लाख क्यूसेक रह गया।

जलाशयों से पानी के बहाव में कमी देखी गई है लेकिन फिर भी कृष्णा और गुंटूर जिलों में 32 मंडलों के तहत आने वाले 87 गांवों के 17,500 लोगों की मुसीबतें अगले दो दिनों तक जारी रह सकती हैं। दोनों जिलों में 24 गांव बाढ़ के कारण पूरी तरह जलमग्न हैं। कृष्णा और गुंटूर में 11,553 लोगों को 56 राहत शिविरों में ले जाया गया है जहां भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, दोनों जिलों में कुल 4,352 घरों में पानी भरा हुआ है।

इन जिलों में 5,311 हेक्टेयर कृषि फसलें और।,400 हेक्टेयर की बागवानी फसलें बाढ़ में डूबी हैं। इस बीच, तडेपल्ली मंडल के तहसीलदार ने भारी बाढ़ के मद्देनजर विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू को नोटिस भेजकर उंडावल्ली में कृष्णानदी के तट पर किराए के बंगले को खाली करने को कहा है। नायडू हैदराबाद में थे इसलिए नोटिस बंगले में सुरक्षाकर्मियों को थमाया गया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कृष्णा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मंत्रीगण विजयवाड़ा के जलमग्न क्षेत्रों में गए और उन्होंने राहत कार्यों का निरीक्षण किया।

Published by surinder thakur

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