लखनऊ : गंगा, यमुना, चम्बल और घाघरा समेत अनेक नदियों के उफान पर होने के बीच उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे बाढ़ की स्थिति से युद्धस्तर पर निपटने के लिए तैयार और सतर्क रहें। सिंह ने रविवार शाम परिकल्प भवन स्थित केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया।

राज्य सरकार की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बाढ़ नियंत्रण केन्द्र को हाईटेक बनाया जाए, जिससे कि प्रदेश की सभी नदियों की अद्यतन स्थिति की ऑनलाइन निगरानी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकें।  विज्ञप्ति के मुताबिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सिंचाई मंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ से संबंधित सभी अधिकारियोंकर्मचारियों की छुट्टियां आगामी आदेश तक निरस्त की जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे बाढ़ की स्थिति से युद्धस्तर पर निपटने के लिए सजग और सतर्क रहें। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अभी तक कहीं भी जनधन हानि नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की बाहर की नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को सचेत कर दिया जाए, जिससे बाढ़ का कोई दुष्प्रभाव न हो सके। इस बीच, बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से उत्तर प्रदेश के कई मैदानी इलाकों में हालात बिगड़ रहे हैं। गंगा, यमुना, चम्बल और घाघरा समेत अनेक नदियों के उफान पर होने से अनेक क्षेत्र बाढ़ की चपेट में हैं और हजारों हेक्टेयर फसल बरबाद हो गई है। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना नदी औरैया और जालौन में कहर ढा रही है।

इन दोनों ही स्थानों पर इसका जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। गंगा नदी कछलाब्रिज (बदायूं) में, चम्बल नदी धौलपुर में, शारदा नदी पलियाकलां में और घाघरा नदी एल्गिनब्रिज में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा, घाघरा नदी का जलस्तर अयोध्या और तुर्तीपार में लाल निशान के नजदीक पहुंच गया है। वहीं, गंगा नदी नरौरा, र्फुखाबाद और बलिया में, यमुना नदी मावी और हमीरपुर में और शारदा नदी शारदानगर में खतरे के निशान के नजदीक बह रही है।

इटावा से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से चम्बल नदी में आई अचानक बाढ़ के पानी में डूबने से अंशु नामक किशोर की मौत हो गई। जिलाधिकारी जितेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि कोटा बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़े जाने से इटावा में चम्बल नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ की वजह से दर्जन भर गांवों का सम्पर्क मुख्यालय से टूट गया है। बाढ़ से हजारों एकड़ फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि उप जिलाधिकारी इन्दर जीत सिंह की टीम बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रही है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।

जालौन से मिली रिपोर्ट के मुताबिक यहां यमुना नदी खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के पानी में डूबने से 5000 हेक्टेयर से अधिक खरीफ की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। साथ ही यमुना तट के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी भरने से तहसील एवं जिला मुख्यालय से उनका सम्पर्क टूट गया है।  जिलाधिकारी जालौन मन्नान अख्तर ने बताया कि यमुना नदी में बाढ़ आने से विकासखंड महेवा के गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। दर्जनों गांवों में बाढ़ के कारण खरीफ की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। कुछ ग्रामीण अंचलों में निचले इलाके में पानी भरने से कई कच्चे मकान ढहने की सूचना है।

हालांकि प्रशासन की चौकसी के चलते कोई जनहानि नहीं हुई है। उपजिलाधिकारी भैरपाल सिंह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में तहसील एवं जिला मुख्यालय आने-जाने में ग्रामीणों को दिक्कत न हो, इसलिए कुछ बिंदुओं पर डोंगी नावों का भी प्रबंध किया गया है। साथ ही यमुना नदी की सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय करने के साथ-साथ राजस्व कर्मियों को भी तैनात कर दिया गया है। उधर, प्रमुख अभियन्ताविभागाध्यक्ष अनूप कुमार श्रीवास्तव ने सिंचाई मंत्री को अवगत कराया कि गत दिनों हथिनी कुंड बैराज से 8, 28, 072 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसको दृष्टिगत रखते हुए सहारनपुर, शामली, बागपत आदि जनपदों में सजगता और चौकसी बरती जा रही है।

श्रीवास्तव ने बताया कि यह पानी ओखला बैराज से आसानी से पास हो सके, इसके लिए पूर्ण प्रबंध किए गए हैं। विभागाध्यक्ष ने बताया कि कोटा बैराज से चार लाख 84 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, वह सुगमता से पास हो रहा है। उन्होंने बताया कि माता टीला डैम के पानी को भी सुगमता से संचालित किया गया।  सिंचाई मंत्री ने सिंचाई विभाग द्वारा किए गए बाढ़, बचाव कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। मुख्य अभियन्ता ए के सिंह ने बताया कि बाढग़्रस्त 48 नियंत्रण कक्ष स्थापित हैं, जिनका संपर्क केन्द्रीय नियंत्रण केन्द्र से है।

Published by surinder thakur

IT Head Himachal Dastak Media P. Ltd. Bypass Road kangra Kachiari H.P.

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