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Retirement age of judges can be increased by 3 years

सीजेआई ने पीएम को पत्र लिख किया अनुरोध, कहा, बरसों से लंबित मामलों को निपटाने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली : प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र 62 से बढ़ा कर 65 वर्ष करने का अनुरोध किया है।

सीजेआई गोगोई ने प्रधानमंत्री से उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की क्रमश: (संविधान के) अनुच्छेद 128 और 224ए के तहत सावधिक नियुक्ति करने का भी अनुरोध किया है, ताकि बरसों से लंबित पड़े मुकदमों का निपटारा किया जा सके। प्रधान न्यायाधीश ने अब तक 3 पत्र लिखे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के काडर का आकार अतीत में बढ़ा है, फिर भी शीर्ष न्यायालय में इसके अनुपात में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्ध नहीं हुई है।

शीर्ष अदालत में 58669 मामले लंबित

प्रधान न्यायाधीश ने कहा है कि शीर्ष न्यायालय में 58,669 मामले लंबित हैं और नए मामले दर्ज होने के चलते इस संख्या में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों की कमी के चलते कानून के सवाल से जुड़े अहम मामलों पर फैसला करने के लिए जरूरी संख्या में संविधान पीठें गठित नहीं की जा रही हैं। उन्होंने लिखा है कि आप याद करें कि करीब 3 दशक पहले 1998 में उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की मंजूर संख्या 18 से बढ़ा कर 26 की गई थी और फिर दो दशक बाद 2009 में इसे बढ़ा कर प्रधान न्यायाधीश सहित 31 किया गया, ताकि मामलों के निपटारे में तेजी लाई जा सके। गोगोई ने लिखा है कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया इस पर शीर्ष प्राथमिकता के साथ विचार करें।

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