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Krishna Janmashtami

14 अगस्‍त्‍ा शाम 7: 48 बजे लगेगी अष्टमी तिथि

हिमाचल दस्तक।। कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव इस साल तीन दिन मनाया जाएगा। इस बार सोमवार देर शाम से अष्टमी शुरु हो रही है, जोकि मंगलवार शाम तक रहेगी। इसलिए जन्माष्टमी का व्रत सोमवार और मंगलवार दोनों दिन रखे जाएंगें। लेकिन जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं और मंदिर के पुजारियों के बीच असमंजस है। कुछ विद्वानों के अनुसार जन्माष्टमी हर साल की तरह इस साल भी दो दिन की मनाई जाएगी।

इस बार 14 अगस्‍त्‍ा की शाम 7: 48 बजे अष्टमी तिथि लग जाएगी, जो मंगलवार शाम 5:42 बजे तक रहेगी। ऐसे में लोग जन्माष्टमी को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। हमारे शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था।

भगवान कृष्‍ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, लेकिन इस बार ये नक्षत्र 15 अगस्त को शाम 5:42 बजे खत्म हो जाएगा। इसके बाद कृतिका नक्षत्र आ जाएगा। रोहिणी नक्षत्र रात 2:32 बजे फिर शुरू होगी, जो 16 अगस्त रात 12.50 बजे तक रहेगा। हिन्‍दू पंचाग के अनुसार उदया तिथि को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

व्रत वाले दिन पूरे दिन उपवास रखकर अगले दिन रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि समाप्त होने के पश्चात व्रत पारण का संकल्प लेना चाहिए। एकादशी उपवास के दौरान पालन किए जाने वाले सभी नियम जन्माष्टमी उपवास के दौरान भी पालन किए जाने चाहिए।

जन्माष्टमी व्रत के दौरान किसी भी प्रकार का अन्ना ग्रहण नहीं करना चाहिए। हिंदू धर्म में व्रत हमारे आत्मसंयम को ही लक्षित किए गए हैं। हिंदू ग्रंथ धर्मसिंधु के अनुसार जो श्रद्धालु लगातार दो दिनों तक उपवास करने में समर्थ नहीं हैं वे जन्माष्टमी के अगले दिन ही सूर्योदय के पश्चात व्रत तोड़ सकते हैं।

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