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कच्ची मिट्टी से तैयार होती है गणेश की मूर्ति

हिमाचल दस्तक, कुल्लू।। कुल्लू जिला के प्रवेश द्वार भुंतर में चल रहे गणेश उत्सव में गणेश उत्सव मंडल द्वारा भगवान गणेश की जो मूर्ति स्थापित की गई है। वह पूरी तरह से ईको फ्रैंडली है। जिसे चार सिंतंबर को ब्यास व पार्वती नदी के संगम पर विसर्जित किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुये गणेश उत्सव मंडल के अतुल सूद, राजेंद्र सूद, विजय पोडे, स्वर्ण चंदेल व हरीश छाबड़ा ने बताया कि उनके द्वारा स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति चंडीगढ़ में पूरी तरह से मिट्टी से तैयार की गई है और वह पूरी तरह से पानी में घुलनशील है। जिसको पानी में विसर्जित करने पर पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा।

  • कच्ची मिट्टी की बनी भगवान गणेश की मूर्ति को हो स्थापित

उन्होंने बताया गणेश उत्सव मंडल पिछले कई सालों से कच्ची मिट्टी की बनी भगवान गणेश की मूर्ति को ही स्थापित करते हैं और उत्सव संपन्न हाने पर उसे नदी में विसर्जित करते हैं। गणेश उत्सव मंडल के सदस्यों का कहना है कि 11 दिन चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान पर्यावरण व सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है ताकि किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को एक बजे से सुंदरकांड होगा और 3 सितंबर को गणपति चौक में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा है। जबकि सांय 8 बजे गणेश भगवान की महाआरती का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को गणेश भगवान की मूर्ति का विसर्जन किया जायेगा। जबकि इससे पूर्व भव्य शोभा यात्रा पूरे भुंतर शहर में से होकर व्यास पार्वती नदी के संगम में विसर्जन किया जाएगा।

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