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दूसरे टी-20 मैच में मिली हार से नाखुश कप्तान कोहली

  • कहा, गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई टीम
  • महेंद्र सिंह धोनी और मनीष पांडे की तारीफ की

सेंचुरियन
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को सेंचुरियन में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में छह विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही तीन मैचों की सीरीज अब 1-1 से बराबर हो गई है। भारत के 189 रनों के लक्ष्य को दक्षिण अफ्रीका ने 18.4 ओवर में हासिल कर लिया। मैच के बाद कप्तान कोहली ने माना कि टीम गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। कोहली ने कहा कि गेंदबाजों के लिए मुश्किल मुकाबला था। उन्होंने कहा कि शुरुआती विकेट गिरने के बाद हम 175 रनों के स्कोर के बारे में सोच रहे थे।

मनीष और रैना ने अच्छी बल्लेबाजी की। कप्तान ने महेंद्र सिंह धोनी और मनीष पांडे के बीच हुई साझेदारी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी और पांडे की साझेदारी के दम पर हम 190 के करीब पहुंच सके। कोहली के मुताबिक यह एक विनिंग टोटल था। कोहली ने कहा कि इसके बाद मौसम ने गेंदबाजों के लिए इसे मुश्किल बना दिया। 12वें ओवर तक यह ठीक था, लेकिन इसके बाद बारिश ने हालत खराब कर दी। लगातार बारिश हो रही थी। उन्होंने हालांकि कहा कि मौसम खेलने के लिए ठीक था।

कोहली ने कहा कि हमें इस मैच में दक्षिण अफ्रीका से कड़े संघर्ष की उम्मीद थी। उन्होंने ऐसा किया। वे जीतना डिजर्व करते थे। भारत ने इससे पहले मनीष पांडे (79) और महेंद्र सिंह धोनी (52) की पारियों की बदौलत 188 का स्कोर खड़ा किया। हालांकि क्लासेन और कप्तान जेपी डुमिनी की शानदार पारियों के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने 19वें ओवर में 189 का लक्ष्य हासिल कर लिया। सीरीज का आखिरी मैच 24 फरवरी शनिवार को खेला जाएगा।

लगातार बूंदाबांदी ने खड़ी की मुश्किल

सेंचुरियन। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 188 रन का स्कोर बचाव नहीं कर पाने के लिए खराब मौसम को जिम्मेदार ठहराया, जिसने गेंदबाजों के लिए स्थिति काफी मुश्किल बना दी थी। भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को गेंद पर ग्रिप बनाने में मुश्किल हुई और उन्होंने चार ओवर में 64 रन लुटाए। दक्षिण अफ्रीका ने छह विकेट से जीत दर्ज करके तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कराई।

कोहली ने कहा, गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां कड़ी थी। शुरू में विकेट गंवाने के बाद हम 175 रन तक पहुंचना चाह रहे थे। मनीष और रैना ने शुरू में अच्छी बल्लेबाजी की। मनीष और धोनी ने बाद में बेहतरीन बल्लेबाजी की और स्कोर 190 रन के करीब ले गए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस स्कोर पर हम जीत दर्ज कर सकते थे लेकिन इसके बाद मौसम खराब होने के कारण गेंदबाजों के लिए स्थिति मुश्किल बन गई। 12वें ओवर तक स्थिति अच्छी थी लेकिन बूंदाबांदी होने से विकेट आसान और गेंद पर ग्रिप बनाना मुश्किल हो गया।

चहल ने बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड

सेंचुरियन में खेले गए इस मैच में युजवेंद्र चहल ने भारत की तरफ से टी-20 मुकाबले में सबसे ज्यादा रन देने का रिकॉर्ड बनाया है। दूसरे टी-20 मैच में चहल ने 4 ओवर में 16 रन प्रति ओवर की इकॉनमी से रन लुटाए। चहल ने 4 ओवर में 64 रन दिए। इतना ही नहीं द. अफ्रीकी बल्लेबाजों ने चहल की खूब धुनाई की। इस मैच में उनकी गेंदों पर चौकों से ज्यादा छक्कों की बरसात हुई।

चहल की गेंदों पर इस मुकाबले 7 छक्के और 2 चौके लगे खास बात ये रही की इतने रन लुटाकर भी वो कोई विकेट भी नहीं ले सके। 4 ओवर में 64 रन लुटाकर वो अब भारत की तरफ से टी 20 मैच में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बन गए हैं। चहल से पहले ये रिकॉर्ड जोगिंदर शर्मा के नाम था। जोगिंदर शर्मा ने 2007 चार ओवर में 57 रन लुटाए थे।

अब शायद मुझे ज्यादा मौके मिलेंगे

मनीष ने उम्मीद जताई कि स्पोर्ट पार्क की पारी के बाद उन्हें ज्यादा मौके मिल सकेंगे। उन्होंने बल्लेबाजी क्रम पर भी अपनी राय रखी। मध्यक्रम के विस्फोटक बल्लेबाज ने कहा कि टीम में बल्लेबाजी कांबिनेशन के चलते मुझे पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए आना पड़ता है। मुझे चौथे क्रम पर भी कुछ मौके मिले हैं और मैंने डेलिवर भी किया है। मैं समझता हूं कि मुझे कुछ ज्यादा योगदान करना चाहिए। खुद पर भी ज्यादा काम करने की जरूरत है।

भारत का टॉप ऑर्डर बेहतरीन है। ऊपर के चार बल्लेबाज 35-40 ओवरों तक आसानी से खेल लेते हैं। शीर्ष क्रम में विराट कोहली जैसे बल्लेबाज हैं। मेरे बाद महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी करने आते हैं। ऐसे में अगर मुझे कुछ और मौके मिले तो मैं टीम के लिए और ज्यादा योगदान कर सकता हूं। वैसे भी भारत जैसी टीम की ओर से खेलने के लिए इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि इस टीम में कई स्टार और लीजेंड बल्लेबाज हैं।

जेपी डुमिनी ने जगाया आत्मविश्वास

सेंचुरियन। दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने भारत के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अपने अंदर का भय मिटाने के लिए जेपी डुमिनी को श्रेय दिया और कहा कि उनकी मैच विजेता पारी में कप्तान की भूमिका अहम रही। क्लासेन ने 30 गेंदों पर 69 रन बनाए जिससे दक्षिण अफ्रीका ने छह विकेट से जीत दर्ज करके तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर की।

उन्होंने डुमिनी के साथ तीसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी की। क्लासेन ने कहा कि मेरी पारी में डुमिनी की भूमिका अहम रही। मैंने जो पहला या दूसरा ओवर खेला तो उसने मुझसे कहा कि इस ओवर में दस रन बनने चाहिए। उसने कहा कि अपनी नैसर्गिक क्रिकेट खेलूं और गेंदबाजों पर हावी होकर बल्लेबाजी करूं। सौभाग्य से आज यह रणनीति चल गई।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से जेपी ने मुझसे कहा कि इस ओवर में 20 रन बनने चाहिए, उससे मेरे अंदर का डर बाहर निकल गया। इसके अलावा चित शांत रखना भी जरूरी था। एक समय ऐसा था जब मैं अच्छे शाट लगा रहा था। क्लासेन ने कहा कि वे (भारतीय गेंदबाज) काफी कुशल गेंदबाज हैं और इसलिए उनकी हर गेंद पर रन बनाना आसान नहीं था।

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