devesh thakur

ब्राजीलियन जियू-जित्सु मार्शल आर्ट स्पर्धा में झटके तीन पदक

जूडो और कुश्ती से मिलता-जुलता खेल विश्व भर में है लोकप्रिय

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। कुल्लू
ब्राजीलियन जियू-जित्सु मार्शल आर्ट की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगघाटी के देवेश ठाकुर ने तीन स्वर्ण पदक जीत कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बीते दिनों दिल्ली में हुई इस प्रतियोगिता में देवेश ठाकुर ने 80.2 किलोग्राम, 82 किलोग्राम और ओपन भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर कुल्लू जिला ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पिलानी से बीटैक डिग्रीधारक देवेश ठाकुर ने जियू-जित्सु संस्थान बेंगलुरु की ओर से भाग लेते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

देवेश ठाकुर ने बताया कि ब्राजीलियन जियू-जित्सु भारत में भी बहुत ही तेजी से उभरता हुआ मार्शल आर्ट है। जूडो और कुश्ती से मिलता-जुलता यह खेल विश्व भर में काफी लोकप्रिय है। देवेश ठाकुर के पिता डॉ. बलदेव ठाकुर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक हैं और माता शशि ठाकुर सेवानिवृत्त एचएएस अधिकारी हैं, जबकि दादा मौलू राम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के जाने-माने साहित्यकार हैं तथा भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक रहे हैं। डॉ. बलदेव और शशि ठाकुर ने बताया कि बचपन से ही देवेश का रूझान खेलों की ओर रहा है।

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पिलानी में बीटैक की पढ़ाई के दौरान भी वह अकसर खेलों में अव्वल रहता था। बीटैक के बाद उसे बेंगलुरु में एक प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनी में बड़े पैकेज पर नौकरी भी मिली, लेकिन खेलों के प्रति उसका जज्बा बरकरार रहा और अब वह बेंगलुरु में ब्राजीलियन जियू-जित्सु मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण ले रहा है तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले रहा है।

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