-
मनरेगा में दिहाड़ी 202 रुपये होगी
-
ईपीएफ में पूरा योगदान सरकार करेगी
-
स्वास्थ्य कर्मियों को 50 लाख का इंश्योरेंस कवर
नई दिल्ली
कोरोना वायरस से पस्त इकॉनोमी को राहत देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.7 लाख करोड़ के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया है। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि गरीबों के लिए खाने का प्रबंध किया जाएगा। इसके अलावा डीबीटी के जरिए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर भी किए जाएंगे।
सरकार ने जो बड़ा एलान किया है, उसमें 3 महीनों तक इंप्लाई और इंप्लॉयर दोनों के हिस्से का योगदान सरकार करेगी। यह वहां लागू होगा जहां 100 से कम कर्मचारी हैं और 90 फीसदी 15 हजार से कम वेतन पाते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि जो लोग कोरोना की लड़ाई में साथ दे रहे हैं उनके लिए 50 लाख का इंश्योरेंस कवर सरकार देगी। इनमें आशा वर्कर्स और डॉक्टर आशा वर्कर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टॉफ शामिल हैं। इससे 20 लाख मेडिकल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ गरीब लोगों को कवर किया जाएगा। इस योजना के तहत अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल/गेहूं मुफ्त में दिया जाएगा। इसके अलावा एक किलो दाल हर परिवार को मुफ्त में मिलेगी। योजना के तहत आठ कैटिगरीज में किसान, मनरेगा, गरीब विधवा-पेंशनर्स-दिव्यांग, जनधन योजना-उज्ज्वला स्कीम, सेल्फ हेल्प ग्रुप कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को मिलेगा। बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा को एकमुश्त 1000 रुपये दो किस्तों मे दी जाएंगे। यह अगले तीन महीने में दिया जाएगा।
सीएम जयराम ने किया स्वागत
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर देशवासियों को 1.70 लाख करोड़ का राहत पैकेज प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पैकेज समाज के विभिन्न वर्गों जैसे आशा कार्यकर्ताओं, सफाई कार्यकर्ताओं, मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ, बीपीएल परिवारों, वृद्धों और कमजोर वर्गों को पर्याप्त सहायता प्रदान करेगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह निर्णय देश और इसके लोगों के कल्याण के प्रति केंद्र सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
सरकार घरों में पहुंचाएगी दवाइयां
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने लोगों तक दवाइयां पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि अब लोगों के घरों तक दवाइयां पहुंचाई जाएगी। इस फैसले को लागू करने के लिए सरकार जल्द ही गजट जारी करेगी। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में लॉकडाउन की घोषणा की है, जिसके चलते लोगों को घरों से बाहर निकलने से मना किया गया है। इस वजह से लोग दवाई की कमी की दिक्कत को झेल रहे हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने दवाइयां सीधे घरों में पहुंचाने का फैसला लिया है।
किसानों को 2000 की पहली किस्त अप्रैल में
नई दिल्ली। सरकार ने प्रधान मंत्री किसान सम्मान योजना के तहत अगले वित्त वर्ष में 2000 रुपये की पहली किस्त अप्रैल के पहले सप्ताह में ही किसानों के खाते में डालने की घोषणा की है। कोरोना वायरस से देश व्यापी बंदी की स्थिति में लोगों की मदद के तहत यह निर्णय किया गया है और इससे 8.69 करोड़ किसानों को फायदा होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन सप्ताह की बंदी लागू करने के 36 घंटे के अंदर एक बड़े आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज के तहत यह घोषणा करते हुए कहा कि पीएम किसान के तहत किसानों को साल में 6,000 रुपये मिलते हैं। हम इसकी पहली किस्त अब शुरू में ही भुगतान किए जाने वाले मामले की तरह करेंगे, ताकि वे वित्त वर्ष के प्रारंभ में ही 2000 रुपये पा सकेंगे।










