शिमला, 8 नवंबर। म्यांमार में फर्जी नौकरी के नाम पर फंसे 270 भारतीय नागरिकों को आखिरकार सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। इनमें हिमाचल प्रदेश के 13 युवक भी शामिल हैं। भारतीय वायुसेना की विशेष उड़ान के जरिए इन सभी को म्यांमार के म्यावाडी इलाके से दिल्ली लाया गया, जहां प्रारंभिक जांच और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें घर भेज दिया।
सूत्रों के मुताबिक, ये सभी लोग अवैध रूप से म्यांमार से थाईलैंड में दाखिल हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से कई युवक साइबर फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क में कार्यरत थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इनसे जबरन काम करवाया जा रहा था या फिर वे खुद इसकी जानकारी के साथ वहां गए थे।
कांगड़ा के राहुल धीमान, हमीरपुर के चंबोह गांव के शिवम और अमन, ऊना के लखविंद्र सहित 13 हिमाचली युवकों को दिल्ली से राज्य भेज दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं। वहीं हिमाचल पुलिस की टीम भी दिल्ली में मौजूद रहकर इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए है।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को सांसद अनुराग ठाकुर से शिवम कुमार के परिजनों ने मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई थी। परिजनों ने बताया कि एजेंटों ने थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर शिवम को म्यांमार भेज दिया था। 15 अगस्त को वह रवाना हुआ था और पिछले दस दिनों से परिवार का संपर्क उससे टूट गया था। एजेंटों ने एक साल दो माह का वीजा बताकर केवल दो माह का वीजा दिया था।