एशेज सीरीज 2025 की शुरूआत हो चुकी है। पहला मैच पर्थ में खेला जा रहा है, जहां विकेट गिरने का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। दूसरे दिन तक मैच की तीन पारी समाप्त हो चुकी है, जबकि चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 205 रनों का टारगेट मिला है।
पहले दिन ही कुल 19 विकेट गिर गए थे। जिसमें इंग्लैंड की पहली पारी 172 रनों पर सिमट गई थी और फिर ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी दूसरे दिन 132 पर ढेर हो गई। उसके बाद इंग्लैंड की दूसरी पारी 164 रनों पर समाप्त हो गई, और पहली पारी में 40 रनों की लीड लेने की वजह से वो ऑस्ट्रेलिया को 205 रनो का लक्ष्य देने में सफल रहे।
मैच में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क सबसे सफल गेंदबाज रहे, उन्होंने ने पहली पारी में 7 और दूसरी पारी में 3 विकेट लिए। जिसके साथ उन्होंने एशेज 2025 के पहले ही टेस्ट में एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वो 12 सालों में एशेज में 10 विकेट हॉल लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं।
इससे पहले यह कारनामा करने वाले आखिरी तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड थे, जिन्होंने 2013 में चेस्टर-ले-स्ट्रीट में 11 विकेट लिए थे। जबकि 2013 में ही नॉटिंघम में जेम्स एंडरसन ने भी 10 विकेट लिए और उससे पहले 1991 में पर्थ में क्रेग मैकडरमॉट ने 11 विकेट और 1981 में द ओवल में डेनिस लिली ने 11 विकेट लिए थे।
ऑस्ट्रेलियाई बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने पर्थ में इंग्लैंड के ओपनर जैक क्रॉली, जो रूट और कप्तान बेन स्टोक्स को लगातार दूसरी बार आउट किया। इसके अलावा उन्होंने मैच में बेन डकेट, जेमी स्मिथ, गेस एक्टिंसन और मार्क वुड को आउट किया। इस शानदार परफॉर्मेंस ने स्टार्क को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में भी एलीट गेंदबाजों में शामिल कर दिया। वह WTC में 200 विकेट तक पहुंचने वाले सिर्फ तीसरे गेंदबाज बन गए और लिस्ट में साथी ऑस्ट्रेलियाई नाथन लियोन और पैट कमिंस के साथ टॉप पर आ गए हैं।
मिचेल स्टार्क का 12 साल बाद आया यह ऐतिहासिक प्रदर्शन न केवल एशेज 2025 की दिशा बदल गया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अनुभव, निरंतरता और जुनून जब एक साथ आते हैं, तो रिकॉर्ड अपने-आप बन जाते हैं। स्टार्क की 10 विकेट हॉल ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया और क्रिकेट प्रशंसकों को एक बार फिर याद दिला दिया कि वह बड़े मुकाबलों के असली मैच विनर हैं।