हमीरपुर। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के बीच हुआ। महंत आवास परिसर में आयोजित इस भव्य आयोजन में हिमाचल प्रदेश सहित देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दरबार में शीश नवाने पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्तिरस, गुरु महिमा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक झंडा रस्म के साथ हुआ। इसके बाद दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक गद्दीनशीन महंत श्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को नामदान प्रदान कर गुरु-शिष्य परंपरा की दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाया। नामदान प्राप्त करने के लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली। शाम ढलते ही महंत आवास के बाहर सजे विशाल पंडाल में बाबा बालक नाथ की भव्य भजन संध्या (चौकी) का आयोजन हुआ।
मौसम की चुनौती के बावजूद भक्तों में दिखा उत्साह
मौसम की चुनौती के बावजूद हजारों भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। बुधवार को गुरु पूर्णिमा के मुख्य पर्व पर भी महंत श्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरी महाराज सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक श्रद्धालुओं को निरंतर नामदान प्रदान करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं पहले से ही सुदृढ़ कर दी गई हैं।
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को दी प्राथमिकता
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। दर्शन के लिए मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखे गए हैं। पूरे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं तथा चप्पे-चप्पे पर पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुगम ढंग से दर्शन कर सकें।गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर दियोटसिद्ध एक बार फिर आस्था, सेवा, समर्पण और सनातन परंपरा के विराट संगम का साक्षी बन रहा है, जहां गुरु कृपा की अनुभूति के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब निरंतर उमड़ रहा है।
गुरुपूर्णिमा के अवसर पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। गुरु शिष्य का यह अटूट त्यौहार श्रद्धालुओं के लिए ही आयोजित किया जाता है। श्रद्धालुओं से आग्रह रहेगा कि वह शांति व विनम्रता से नियमों के अनुरूप पहुंचे और धार्मिक स्थल की गरिमा को बनाये रखे तथा सफाई का विशेष ध्यान रखे।-श्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरी महाराज, महंत ट्रस्ट बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध।
दियोटसिद्ध में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर को 24 घंटे खुला रखने के निर्देश दिए गए है। धार्मिक नगरी में किसी को कोई परेशानी न हो इसके भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं से आग्रह है कि बारिश के मौसम में सावधानी पूर्व दर्शनों के लिए पंहुचे और दर्शन करे।-स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर एवं मंदिर अध्यक्ष ट्रस्ट दियोटसिद्ध।








