बद्दी। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। 10.330 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में आरोपी राहुल गुप्ता और उसके परिजनों से जुड़ी करीब 1.97 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।

कार्रवाई के दायरे में जमीन और तीन मंजिला भवन के साथ-साथ Scorpio-N वाहन और बैंक खातों में जमा रकम भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि अब नशा तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।
10.330 किलो गांजा बरामदगी के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी राहुल गुप्ता पुत्र संतोष शाह, मूल रूप से जिला सारण, बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में बद्दी में रह रहा था। उसके कब्जे से पुलिस ने 10.330 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर अर्जित संपत्तियों की भी पड़ताल की।
06 बिस्वा जमीन और तीन मंजिला भवन जांच के घेरे में
जांच के दौरान बद्दी की लक्ष्मी नारायण कॉलोनी, वार्ड नंबर-7 में स्थित करीब 06 बिस्वा भूमि और उस पर बने तीन मंजिला भवन को कार्रवाई के दायरे में लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 71 लाख 64 हजार 271 रुपये है। संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली की ओर से की गई है। इसके अलावा कार्रवाई में ये संपत्तियां भी शामिल हैं:
- Scorpio-N वाहन: करीब 24,69,725 रुपये
- विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि: करीब 1,42,251 रुपये
- कुल फ्रीज संपत्ति: करीब 1,97,76,000 रुपये
आरोपी की मां पर भी दर्ज हो चुका है नशे का मामला दर्ज
जांच में आरोपी के परिवार से जुड़ा पुराना मामला भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक राहुल गुप्ता की माता रिंकू देवी के खिलाफ भी नशे से संबंधित मामला दर्ज हो चुका है। वर्ष 2022 में बद्दी पुलिस ने रिंकू देवी के कब्जे से 824 ग्राम गांजा और अवैध देशी शराब बरामद की थी। इस मामले में थाना बद्दी में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, ‘कमाई’ पर भी नजर
बद्दी पुलिस की इस कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि नशा तस्करी के मामलों में अब केवल नशीले पदार्थ की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही है। पुलिस उन संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों की भी जांच कर रही है, जिनके बारे में संदेह है कि वे अवैध नशा कारोबार से अर्जित किए गए हैं। यानी पुलिस की रणनीति साफ है—नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ उसकी आर्थिक नींव को भी कमजोर करना।
DSP बद्दी बोले- नशे के कारोबारियों को नहीं बख्शेंगे
डीएसपी बद्दी योगराज चंदेल ने कहा कि क्षेत्र में नशे के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस नशा तस्करी से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच भी कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले लोगों की संपत्तियों की पहचान कर कानून के अनुसार फ्रीजिंग और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
SP बद्दी ने भी दिया सख्त कार्रवाई का संदेश
एसपी बद्दी विनोद धीमान ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों और नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। बद्दी पुलिस की यह कार्रवाई नशे के नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस का फोकस अब उन संसाधनों तक पहुंचने पर भी है, जिनके सहारे नशे का कारोबार खड़ा किया जाता है।
बद्दी में नशे के खिलाफ पुलिस का सख्त संदेश
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नशे की तस्करी लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती रही है। ऐसे में संपत्तियों को फ्रीज करने जैसी कार्रवाई तस्करों के लिए आर्थिक स्तर पर बड़ा झटका साबित हो सकती है।








