श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को प्रात: 6:15 बजे खुलेंगे। इससे पहले जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर से देव डोलियों का विधिवत प्रस्थान हो चुका है। बदरीनाथ मंदिर की सबसे खास परंपरा इसकी तीन चाबियां हैं। कपाट एक चाबी से नहीं खुलते हैं। एक चाबी टिहरी राज परिवार के कुल पुरोहित के पास रहती है। बाकी दो चाबियां मेहता और भंडारी हक-हकूकधारियों के पास होती हैं। तीनों चाबियों को एक साथ लगाने के बाद ही मंदिर के द्वार खोले जाते हैं।

नृसिंह मंदिर से डोलियां रवाना
नृसिंह मठांगन में महालक्ष्मी पूजन हुआ। इसके बाद गरुड़ की डोली और आदि शंकराचार्य की गद्दी को दर्शनार्थ रखा गया। बदरीविशाल के जयघोष के बीच उत्सव मूर्ति और गद्दी को बदरीनाथ के लिए रवाना किया गया।










