बंगाणा। पुलिस थाना बंगाणा के तहत नलूट में वन विभाग और पुलिस ने अवैध खैर लकड़ी तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना और नियमित गश्त के दौरान नलूट के जंगलों के पास संदिग्ध गतिविधि पर नजर पड़ते ही टीम ने तुरंत घेराबंदी कर एक ट्राला और उसकी रैकी कर रही स्कूटी को रोक लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इस दौरान नलूट क्षेत्र के पास एक संदिग्ध ट्राला को रोका गया, जिसके साथ एक स्कूटी रैकी करते हुए चल रही थी। जब टीम ने ट्राले की तलाशी ली तो उसमें खैर की लकड़ी के मौछे लदे हुए पाए गए। मौके पर मौजूद व्यक्तियों से पूछताछ करने पर उनकी पहचान राजेश कुमार निवासी झजयाणी, मनवर सिंह निवासी डडयार, अभिषेक कुमार निवासी मसलाना, अनीष कुमार निवासी नलूट और विशाल के रूप में हुई। आरोपियों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
30 खैर की लकड़ी के मौछे बरामद
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह खैर की लकड़ी नलूट के सरकारी जंगल से अवैध रूप से काटी है। वन विभाग की टीम ने मौके पर कुल 30 खैर लकड़ी के मौछे बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 1,68,558 रुपये आंकी गई है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत लकड़ी और दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया गया।
मामले की चल रही है जांच
वन परिक्षेत्र अधिकारी बंगाणा अंकुश द्वारा इस संबंध में थाना बंगाणा को शिकायत भेजी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी ऊना सचिन हिरेमठा ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।








