इस बार लोग कम धान लगाने के मूड में, छह हजार हैक्टेयर जमीन पर लगाई जाती है धान की फसल
बीबीएन। बीबीएन में किसानों ने धान की पनीरी लगानी शुरू कर दी है। बीबीएन में छह हजार हैक्टेयर जमीन पर धान की फसल लगती है लेकिन पिछले साल कई प्रजातियों में वायरस आने के बाद इस बार लोग कम धान लगाने के मूड में है। कृषि विशेषज्ञों ने कम समय में तैयार होने वाली वैरायटी लगाने की अपील की है जिससे कम समय में फसल तैयार हो जाए और कम पानी खर्च हो।

पिछले साल किसानों की फसल हो गई थी खराब
जानकारी अनुसार नालागढ़ में पिछले साल 131 व 121 धान की प्रजाति में काफी वायरस आया था। 131 प्रजाति में किसानों की वायरस के चलते धान की फसल खराब हो गई थी। इस बार कोई भी किसान इन प्रजातियों को नहीं लगा रहा है। इस बार किसान 7501 व 7301 प्रजाति समेत 2020 व अन्य हाइब्रिड प्रजाति लगा रहे है। यह प्रजाति 120 से 125 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है। वहीं 7501 प्रजाति 135 दिन में तैयार होती है। किसानों ने धान की पनीरी लगानी शुरू कर दी है।
किसान इस वर्ष कम लगाएंगे धान की फसल
किसान अवतार सिंह ने बताया कि इस बार लोगों ने कम समय में तैयार होने वाली धान की प्रजाति को लगाया है। पिछले वर्ष धान में रोग लगने से इस बार भी किसान डरे हुए है और धान लगाने में हिचकिचा रहे है। पूरा छह माह की मेहनत पिछले वर्ष किसानों की खराब हुई थी। नंदपुर के किसान अमर चंद ठाकुर व बरूणा के विनोद ठाकुर ने बताया कि किसान धान तो लगा रहे है। इस में मेहनत अधिक है और लोगों को इससे कम बचत होती है। दभोटा के किसान सुरमुख सिंह ने बताया कि पिछले साल धान की फसल में वायरस आने से किसान इस वर्ष कम धान की फसल लगाएंगे।
किसानों से पनीरी का समय लगा कर 115 से 120 दिन के भीतर तैयार होने वाले धान को लगाने की सलाह दी है। इससे कम पानी लगेगा और वायरस लगने की भी चांस कम हो जाते है।-डॉ. संदीप गौतम, विषय वाद विशेषज्ञ, कृषि विभाग।








