हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन दिनों भाखड़ा बांध की गोबिंद सागर झील में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीबीएमबी से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम जलस्तर 1678.40 फीट तक पहुंच गया, जो बांध की अधिकतम क्षमता 1680 फीट से केवल डेढ़ फुट कम है। हालात को देखते हुए बांध प्रबंधन ने फ्लड गेट आठ फीट तक खोल दिए हैं।
बुधवार की शाम झील में करीब 98 हजार क्यूसिक पानी की आवक दर्ज की गई, जबकि बांध से टरबाइन और फ्लड गेटों के जरिये लगभग 75 हजार क्यूसिक पानी नंगल डैम झील की ओर छोड़ा गया। इसके अलावा नंगल हाईडल नहर में नौ हजार क्यूसिक और श्री आनंदपुर साहिब हाईडल नहर में आठ हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। वहीं सतलुज दरिया में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा को पचास हजार से बढ़ाकर सत्तावन हजार क्यूसिक कर दिया गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते स्वां नदी सहित अधिकांश नाले और खड्ड उफान पर हैं। दूसरी ओर सतलुज दरिया में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
कुछ निचले इलाकों में पानी घुसना भी शुरू हो गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। नंगल और श्री आनंदपुर साहिब के आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ, सिविल प्रशासन और पुलिस विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।
वहीं समाजसेवी संस्थाओं और धार्मिक संगठनों ने भी राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बाढ़ पीडि़तों के लिए अस्थायी आश्रय और खाने-पीने की व्यवस्था की है। इस बीच कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, डीसी रूपनगर बरजीत सिंह वालिया, एसडीएम नंगल सचिन और एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने संयुक्त रूप से अपील की है कि लोग घबराएं नहीं। सरकार और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।