भराड़ी/बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की भराड़ी उपतहसील में ई-चालान से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने वाहन मालिक को हैरान कर दिया। घर पर खड़ी स्कूटी का तेज रफ्तार वाहन चलाने के आरोप में चालान काट दिया गया।

ग्राम पंचायत गाहर के गांव बाह निवासी प्रवीण कुमार के मोबाइल पर जब ओवरस्पीडिंग चालान का मैसेज आया तो वह हैरान रह गए। चालान में वाहन के तेज रफ्तार होने की जगह औहर (पलथी) बताई गई थी, जबकि प्रवीण के मुताबिक उस समय उनकी स्कूटी घर पर ही खड़ी थी।
मोबाइल पर आया ओवरस्पीडिंग का मैसेज
प्रवीण कुमार के मुताबिक उनके मोबाइल फोन पर ई-चालान का संदेश आया। इसमें औहर (पलथी) क्षेत्र में वाहन द्वारा तेज गति से चलने के कारण चालान किए जाने की जानकारी थी। मैसेज देखने के बाद उन्हें समझ नहीं आया कि उनकी स्कूटी का चालान कैसे हो गया, क्योंकि जिस समय का चालान था, उस दौरान स्कूटी उनके घर पर ही खड़ी थी और वह उस मार्ग पर गए ही नहीं थे। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन ई-चालान का विवरण चेक किया तो मामले की एक अहम जानकारी सामने आई।
नंबर में सिर्फ एक अंक का अंतर
ऑनलाइन चालान विवरण देखने पर पता चला कि चालान में जिस वाहन का नंबर दर्ज था, वह HP 22D-8432 था। जबकि प्रवीण कुमार की स्कूटी का नंबर HP 23D-8432 है। यानी दोनों वाहनों के नंबर में सिर्फ जिला कोड 22 और 23 का अंतर है। हैरानी की बात यह भी है कि चालान में वाहन की श्रेणी कार दर्ज की गई थी, जबकि प्रवीण कुमार के पास स्कूटी है।
ऐसे समझें पूरा मामला
| विवरण | चालान में दर्ज | प्रवीण कुमार का वाहन |
|---|---|---|
| वाहन नंबर | HP 22D-8432 | HP 23D-8432 |
| वाहन | कार | स्कूटी |
| उल्लंघन | ओवरस्पीडिंग | स्कूटी घर पर खड़ी होने का दावा |
| स्थान | औहर (पलथी) | वाहन वहां नहीं गया, मालिक का दावा |
तकनीकी खामी या नंबर दर्ज करने में गलती?
प्रवीण कुमार का कहना है कि मामला तकनीकी खामी या नंबर दर्ज करने में हुई गलती का हो सकता है। उनका आरोप है कि किसी दूसरी कार का चालान उनके मोबाइल नंबर पर पहुंच गया। हालांकि, इस पूरे मामले में वास्तविक गलती किस स्तर पर हुई, यह संबंधित विभाग या पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
गलत चालान रद्द करने की मांग
प्रवीण कुमार ने संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन से मामले की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी स्कूटी औहर (पलथी) की तरफ गई ही नहीं थी, ऐसे में किसी अन्य वाहन के चालान का नोटिस उनके पास पहुंचना परेशानी का कारण बना है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ई-चालान की जानकारी और वाहन नंबर की जांच कर गलत तरीके से दर्ज चालान को रद्द किया जाए तथा रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार किया जाए।
ई-चालान सिस्टम पर उठे सवाल
यह मामला सामने आने के बाद तकनीक आधारित यातायात व्यवस्था में दर्ज होने वाले वाहन नंबरों की सटीकता को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। ITMS और ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर तेजी से कार्रवाई करना है, लेकिन वाहन नंबर में छोटी सी गलती भी सही वाहन मालिक के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। ऐसे में इस मामले में जांच के बाद यह साफ होना जरूरी है कि चालान कैमरे की पहचान में हुई तकनीकी त्रुटि, डेटा एंट्री की गलती या किसी अन्य वजह से गलत वाहन से जुड़ा।








