बिलासपुर । बिलासपुर जिले में चिट्टा तस्करी के एक मामले की जांच पुलिस को कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क तक ले गई है। स्वारघाट पुलिस ने मामले में मंडी के क्षेत्रीय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।

12.4 ग्राम चिट्टा बरामदगी से खुली जांच की नई कड़ी
मामला 25 सितंबर को स्वारघाट में हुई ड्रग बरामदगी से जुड़ा है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध वाहन को जांच के लिए रोका था। वाहन में सवार अमनदीप निवासी हमीरपुर और कंचन जसवाल निवासी ऊना के कब्जे से पुलिस ने 12.4 ग्राम चिट्टा बरामद करने का दावा किया था। दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
मोबाइल डिटेल खंगालने पर डॉक्टर तक पहुंची जांच
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन से मिली जानकारी की जांच के दौरान ड्रग सप्लाई चेन की एक कड़ी डॉ. भरत भूषण तक पहुंची। आरोपी की पहचान गांव कसेह, डाकघर औहर, तहसील झंडूता, जिला बिलासपुर निवासी डॉ. भरत भूषण के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि जांच में उक्त खेप की कथित सप्लाई में डॉक्टर की भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
मंडी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट है आरोपी
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी मंडी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात है। डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पुलिस जांच में एक चिकित्सक का नाम कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा है। हालांकि मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
बाजू पर मिले इंजेक्शन के निशानों की भी जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपी की बाजू पर इंजेक्शन लगाने के कुछ निशान मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी इन निशानों को नशीले पदार्थ के सेवन से सीधे जोड़कर पुष्टि नहीं की है। इस पहलू की मेडिकल और फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
अब पूरे ड्रग नेटवर्क की पड़ताल
एसपी बिलासपुर के अनुसार पुलिस अब इस मामले के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर बरामद चिट्टे की खेप कहां से आई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में डॉक्टर के अलावा और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ
स्वारघाट में 12.4 ग्राम चिट्टा बरामदगी से शुरू हुई जांच अब कथित सप्लाई नेटवर्क तक पहुंच गई है। पुलिस की आगे की जांच और फोरेंसिक-मेडिकल रिपोर्ट से मामले के अन्य पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस का फोकस कथित ड्रग नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाने और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की पहचान करने पर है।








