साहिल डढवाल। नूरपुर
एक और कोरोना संक्रमण के बीच जहां आशा वर्कर अपनी जान हथेली पर रख संक्रमितों का घर घर ख्याल रख रही हैं। वहीं कुछ लोग इन ऐसे भी हैं जो इन फ्रंटलाइन वर्कर्स से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। लेकिन हैरानी तब होती है जब एक फ्रंटलाइन वर्कर दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर से दुर्व्यवहार करे।
ऐसा ही मामला रैहन छतर इलाके का सामने आया है जहां ना केवल आशा वर्कर के साथ बतमीजी की गई बल्कि वार्ड मेम्बर और स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फीमेल हेल्थ वर्कर के साथ भी अभद्र भाषा का उपयोग किया गया।
पुलिस ने मामले पर कारवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी अनुसार छतर स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आशा वर्कर त्रिशला देवी ने आरोप लगाया है कि वह गांव में रहने वाली कोरोना संक्रमित महिला कांस्टेबल के घर उसका हाल पूछने और उनके दस्तखत करवाने गई थी।
वहां पहले तो महिला ने किसी भी प्रकार के दस्तखत करने के लिए मना कर दिया उसके बाद आशा वर्कर को फोन पर जातिसूचक शब्द कह डाले।
वहीं वार्ड मेम्बर रीना शर्मा ने भी आरोप लगाया कि कोरोना संक्रमित महिला के घर पर निर्माण कार्य चला था, जब उन्होंने संक्रमित महिला के परिजनों को कार्य बंद करने के लिये कहा तो उन्होंने उनके साथ भी अभद्र भाषा का उपयोग किया। इस बारे में जब छतर में तैनात फीमेल हेल्थ वर्कर विजय लक्ष्मी ने बताया कि परटोकॉल के हिसाब से महिला के घर पर आशा वर्कर और वार्ड मेंबर को भेजा गया था लेकिन वहां सहयोग करने की बजाए उनके साथ बतमीजी की।
हेल्थ वर्कर ने बताया कि उसके बाद उनसे भी अभद्र भाषा मे बात की गई और उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। उन्होंने बताया कि इस सम्बंध में बीएमओ और एसएमओ को सूचित कर दिया गया है। वहीं डीएसपी नूरपुर आईपीएस अशोक रत्न ने बताया कि इस सन्दर्भ में एफआईआर दर्ज हुई है और पुलिस छानबीन कर रही है।








