दोबारा बनेगी 305 शिक्षकों की मैरिट, ज्वाइनिंग दे चुके शिक्षकों की भी दोबारा होगी जांच
शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा हाईकोर्ट के 17 जून के आदेश के अनुपालन में 15 जून को जारी किए गए आदेशें को वापस ले लिया गया है, जिसके तहत नियुक्तियों पर रोक लगाई गई थी। आदेश में कहा गया है कि सीडब्ल्यूपी नंबर 9456/2026, टोविंदर ठाकुर बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य मामले में हाईकोर्ट द्वारा 17 जून को दिए गए निर्देशों के बाद नियुक्ति आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेंगे। इससे पहले 15 जून को जारी आदेश अब निरस्त माना जाएगा।

हालांकि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी नियुक्तियां हाईकोर्ट के अंतिम निर्देशों के अधीन रहेंगी। जिन अभ्यर्थियों की पात्रता दोबारा सत्यापन के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उनकी नियुक्तियां वापस ले ली जाएंगी। ऐसे मामलों में यदि कोई अभ्यर्थी कार्यभार ग्रहण भी कर लेता है, तो उसे नियुक्ति का स्थायी अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
चयनित अभ्यर्थियों की शीघ्र ज्वाइनिंग करवाने के निर्देश
विभाग ने सभी उपनिदेशकों (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा) तथा संबंधित स्कूल प्रधानाचार्यों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और चयनित अभ्यर्थियों की शीघ्र ज्वाइनिंग करवाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल सीबीएसई स्कूलों के लिए 305 पदों पर की गई अंग्रेजी शिक्षक भर्ती विज्ञापन में अंग्रेजी शिक्षकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता एमए इंग्लिश 50 फीसदी अंकों के साथ, स्नातक व बीएड अंग्रेजी भाषा एक अनिवार्य विषय के साथ तय की गई थी। लेकिन जब टेस्ट हो गए तो सरकार की ओर एक स्पष्टीकरण जारी किया गया जिसमें कहा गया था कि जिन अभ्यर्थियों ने स्नातक स्तर पर तीन साल अंग्रेजी विषय पढ़ा है, वे इसके लिए पात्र होंगे। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। लेकिन इस संदर्भ में कानून स्पष्ट है कि एक बार विज्ञापन जारी हो गया और आवेदन की अंतिम तिथि भी खत्म हो गई तो उसके बाद आप परीक्षा के नियम बदल नहीं सकते हैं। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने पहले आवेदन किया था, वे सभी पात्र थे, उनमें से कुछ मेरिट में थे और कुछ नहीं थे।
नियमों के तहत संशोधित मेरिट लिस्ट जारी कर सकते है : हाईकोर्ट
सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि वो नियमों के तहत संशोधित मेरिट लिस्ट जारी कर सकते है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार अगले 10 दिन के भीतर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्तियां देने का फैसला ले। यही वजह है कि बुधवार को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने नए सीरे से सीबीएसई शिक्षकों को नियुक्त व दस्तावेजों की जांच करने को कहा है। यह जिम्मेदारी जिला उपनिदेशकों व स्कूल प्रधानाचार्यों को दी गई है।








