चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से दो युवकों को विदेश में सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह के चंगुल में फंसा दिया गया। थाईलैंड पहुंचते ही दोनों को हथियारबंद गिरोह ने अगवा कर लिया और बंधक बनाकर अवैध तरीकों से काम करवाया। इतना ही नहीं, गिरोह ने युवकों को “खरीदा हुआ” बताते हुए परिवारों से मोटी फिरौती की मांग भी की।
जानकारी के अनुसार दोनों युवक किसी तरह म्यांमार–थाईलैंड सीमा तक भागने में सफल हुए और वहां थाई आर्मी के सामने आत्मसमर्पण कर जान बचाई। भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद दोनों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला : 80 हजार में नौकरी का झांसा, एयरपोर्ट से उठा ले गए बदमाश
भालोगी निवासी करन सिंह ने शिकायत में बताया कि होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान उसकी पहचान देवेंद्र उर्फ डिशु और उसके दो साथियों से हुई। इन लोगों ने विदेश में बेहतर नौकरी दिलाने का वादा किया और उससे 80,000 रुपये ले लिए। थाईलैंड पहुंचते ही करन को एयरपोर्ट से ही हथियारबंद लोग उठा ले गए और बंदूक की नोक पर एक अवैध कंपनी में काम करवाने लगे। गिरोह ने करन के परिवार से 5 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी। करन किसी तरह मौके का फायदा उठाकर अन्य भारतीय युवकों के साथ भाग निकला और म्यांमार बॉर्डर पर थाई सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
दूसरा मामला: 77 हजार लेकर भेजा विदेश, पहुंचते ही शुरू हुआ खौफ
कर्मोग निवासी अमन की कहानी भी इससे अलग नहीं। पढ़ाई के दौरान उसकी भी जान-पहचान उसी गिरोह से हुई। आरोपितों ने उससे 77,000 रुपये लेकर थाईलैंड भेज दिया। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही अमन को भी हथियारबंद लोग उठाकर ले गए और बंधक बनाकर काम करवाने लगे। अमन ने भी मौका पाकर वहां से भागने में सफलता पाई और सुरक्षित भारतीय दूतावास की शरण में पहुंचा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी
एसपी विजय कुमार सकलानी ने बताया कि दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। पुलिस ने कहा कि यह एक संगठित गिरोह का नेटवर्क प्रतीत होता है, जिसकी कड़ियों को खंगाला जा रहा है।