हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चमियाना सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग को स्थानांतरित करने के विरुद्ध दायर आवेदन पर स्वास्थ्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रार्थियों ने मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि चमियाना अस्पताल में ब्लड बैंक की कोई सुविधा नहीं है जबकि सामान्य ज्ञान के अनुसार भी कार्डियोलॉजी से जुड़े मामलों में ब्लड की आकस्मिक जरूरत पड़ जाती है। कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को इस परिस्थिति का स्पष्टीकरण देने के आदेश जारी किए। मामले की सुनवाई 9 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले पर सुनवाई हुई। कोर्ट को बताया गया कि उक्त अस्पताल तक पहुंचने के लिए अभी भी रास्ते खराब है। कार्डियोलॉजी से जुड़े मरीजों को पर्याप्त आपातकालीन सुविधाएं भी नहीं है। इस जोखिम को देखते हुए अभी उक्त अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग को स्थानांतरित करना वाजिब नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि 31 जुलाई को हाईकोर्ट ने मौसम की स्थिति में सुधार को ध्यान में रखते हुए चमियाना सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी, सीटीवीएस और यूरोलॉजी विभागों को स्थानांतरित करने की अनुमति प्रदान कर दी थी। मामले पर पिछली सुनवाई के दौरान 27 जून के संचार का हवाला देते हुए बताया गया था कि कार्डियोलॉजी, सीटीवीएस और यूरोलॉजी विभागों को तीन दिनों के भीतर आईजीएमसी, शिमला से अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज, शिमला स्थानांतरित किया जाना है।
बाद में उक्त संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश पर महाधिवक्ता ने वक्तव्य देकर न्यायालय को आश्वासन दिया था कि वर्तमान में मौसम की विशेष परिस्थितियों और मानसून की शुरुआत में हुई भारी वर्षा को देखते हुए इन विभागों का स्थानांतरण फिलहाल स्थगित कर दिया गया था।
जुलाई के बाद फिर से मौसम की खराबी के कारण अस्पताल तक पहुंचने के रास्ते अवरुद्ध हुए और कुछ प्रार्थियों ने कार्डियोलॉजी विभाग को स्थानांतरित करने से रोकने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दायर किए।