शिमला/चौपाल। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र से एक विवाहिता के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। 28 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति पर जबरदस्ती करने और बाद में उसके विरोध करने पर महिला, उसके पति तथा दो छोटे बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चौपाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी दिला राम शर्मा और उसके दो बेटों संतोष तथा नारायण दत्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सितंबर 2025 की घटना का लगाया आरोप
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, महिला का आरोप है कि गांव चिल्ला निवासी दिला राम शर्मा ने सितंबर 2025 में उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। शिकायत के मुताबिक, घटना के बाद महिला को कथित तौर पर धमकाया गया और उसे इस बारे में किसी को जानकारी नहीं देने के लिए कहा गया। महिला का आरोप है कि उसे घटना उजागर करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
नवंबर में माफी मांगने का दावा
महिला ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2025 में मुख्य आरोपी दिला राम और उसके बेटों ने कथित घटना के लिए उससे माफी मांगी थी। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बावजूद मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ और बाद में फिर से उसे परेशान करने की कोशिश की गई।
अगस्त 2026 में दोबारा जबरदस्ती का आरोप
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि अगस्त 2026 में दिला राम ने एक बार फिर उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरदस्ती करने का प्रयास किया। महिला के अनुसार, उसने इस बार इसका विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने के बाद दिला राम और उसके दोनों बेटों संतोष तथा नारायण दत्त ने उसे, उसके पति और दो छोटे बच्चों को जान से मारने की धमकी दी।
मोबाइल रिकॉर्डिंग को बताया अहम सबूत
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसके मोबाइल फोन में मामले से जुड़ी कुछ रिकॉर्डिंग सुरक्षित हैं। महिला ने पुलिस को बताया है कि इन रिकॉर्डिंग को वह जांच के दौरान पुलिस के समक्ष पेश करेगी। अब पुलिस इन दावों के साथ-साथ उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कर रही है।
BNS की इन धाराओं में मामला दर्ज
चौपाल पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, केस भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और 351(2) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में शिकायतकर्ता के बयान, कथित रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।








