हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा 2,352 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित चिनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना को मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे हिमाचल प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वीकृत यह महत्वाकांक्षी परियोजना देश को जल संसाधन प्रबंधन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति क्षेत्र में प्रस्तावित 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग के माध्यम से चिनाब बेसिन के अतिरिक्त जल को ब्यास नदी प्रणाली की ओर मोड़ा जाएगा, जिससे हिमाचल प्रदेश में लगभग 4,000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन की संभावना बनेगी।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत लाहौल घाटी में नदी पर 19 मीटर ऊंचे बैराज का निर्माण भी प्रस्तावित है। उनके अनुसार यह योजना केवल पनबिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी नदियों के जल के भारत के हित में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद केंद्र सरकार की यह पहल राष्ट्रीय हितों को और अधिक सुदृढ़ करने वाली साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन और ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र को मिलेगा।








