मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिल्ली जाने से पहले दिलाई शपथ, संभालेंगे कार्यभार, प्रशासक हटे
शिमला। हिमाचल प्रदेश में गांव की सरकार के चुने हुए प्रतिनिधियों ने शपथ ग्रहण कर ली है। कांगड़ा जिला को छोड़़ शेष सभी जिलों में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह थे। इन प्रधानों व उपप्रधानों ने पद एवं गोपनियता की शपथ ली मगर साथ ही प्रदेश में चिट्टा के खिलाफ चल रही मुहिम में सरकार का साथ देने की शपथ भी दिलाई। खुद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में प्रधानों व उप प्रधानों को एंटी चिट्टा शपथ दिलाई।

सीएम ने कहा कि वह दिल्ली जा रहे थे मगर उन्हें लगा कि चिट्टा के खिलाफ सभी प्रधानों व उप प्रधानों जो गांव की सरकार चलाते हैं उन्हें एकजुट होना चाहिए। इसलिए वह दिल्ली जाने से पूर्व अचानक पीटरहॉफ पहुंचे जहां पर उन्होंने इन प्रतिनिधियों को चिट्टा के खिलाफ शपथ दिलाई।
शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी प्रधानों व उप प्रधानों को पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई। यहां पहुंचे सीएम प्रतिनिधियों से मुखातिब हुए और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
2950 पंचायतों के प्रधान और उपप्रधानों ने ली शपथ
सोमवार को प्रदेश की लगभग 2950 पंचायतों के नवनिर्विचत प्रधान और उपप्रधानों ने शपथ ग्रहण की। यह सभी अब अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे और इसके साथ ही सरकार द्वारा लगाए गए प्रशासक भी हट गए हैं जिन्हें चुनाव नहीं होने के चलते सरकार ने कामकाज चलाने के लिए लगाया था। यह प्रशासन लगभग साढ़े चार महीने से तैनात थे। प्रधान-उपप्रधान की शपथ के लिए इसी तरह के कार्यक्रम कांगड़ा को छोड़कर अन्य सभी जिलों में भी किए गए। कांगड़ा जिला के प्रधान व उप प्रधानों को सीएम सुक्खू 18 जून को शपथ दिलाएंगे क्योंकि सीएम का आज दिल्ली दौरा प्रस्तावित था इसलिए कांगड़ा का शपथ ग्रहण समारोह तीन दिन बाद रखा गया है।
सभी ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 को
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 जून को आयोजित होगी। इसी दिन से प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों को मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। वार्ड पंचों को पहली बैठक में प्रधान द्वारा शपथ दिलाई जाएगी। पंचायत प्रधान-उप प्रधानों की शपथ के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में रूके विकास कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी। वहीं केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को बजट भी जारी हो जाएगा। राज्य की सभी पंचायतों में बीते 31 जनवरी से ही प्रशासक तैनात थे। इससे पंचायतों के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
चिट्टा मुक्त पंचायत बनाएं जनप्रतिनिधि : सीएम
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा है कि वह चिट्टा मुक्त पंचायत बनाने में अपना सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने चिट्टे के खिलाफ व्यापक अभियान चला रखा है जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बेहद ज्यादा जरूरी है। सीएम ने कहा कि सरकार ने चिट्टा के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम का पहला चरण समाप्त कर दिया है और दूसरे चरण में अब जनसहयोग व जनभागीदारी के साथ डीसी, एसपी, एडीएम व दूसरे अधिकारी स्कूलों में जाकर बच्चों को चिट्टा के खिलाफ जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी पंचायत प्रतिनिधियों को इसलिए शपथ दिलाई गई है ताकि प्रदेश से चिट्टे को मुक्त करवाया जाए।







