शिमला के सील्ड रोड़ छोटा शिमला से हाई कोर्ट के बीच चल रहे अंडर ग्राउंड डक्ट के काम में ओक ओवर के ठीक बाहर एक चिनार के पेड़ की जड़ें काटने पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू नाराज हुए हैं। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सुबह-सुबह इस काम का निरीक्षण किया और इसके बाद उन्होंने गेट के बाहर चिनार के पेड़ की जड़ों को देखा जिन्हें अंडर ग्राउंड डक्ट के काम के चलते काट दिया गया था।
यह पेड़ ओक ओवर के अंदर की तरफ को है और इसकी जड़ें बाहर सडक़ की तरफ को फैली हुई हैं। सालों पुराने इस पेड़ की जड़ें बाहर की तरफ काफी ज्यादा फैली हैं और इस काम के चलते उन्हें काटना बेहद जरूरी था। ऐसा नहीं होने पर काम नहीं हो पा रहा था। मगर इसपर सीएम ने अपनी नाराजगी जाहिर की और उन्होंने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तलब किया।
सीएम यहां से पैदल ही सचिवालय की ओर गए क्योंकि यह मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए इस तरह से बंद हो गया है। सीएम ने सचिवालय पहुंचते ही अधिकारी बुलाए और उनसे बात की। इस दौरान उन्होंने अफसरों को फटकार भी लगाई और कहा कि इस तरह से जड़ों को नहीं काटा जाना चाहिए था। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि बिना ऐसा किए यहां पर काम करना आसान नहीं था और यह जरूरी हो गया था।
सीएम ने अधिकारियों को तेजी के साथ इस काम को पूरा करने के लिए कहा है। इससे पहले बरसात की वजह से काम थोड़ा प्रभावित हुआ है लेकिन अब इसे ओक ओवर की तरफ को बढ़ा दिया गया है। यहां से आगे हाई कोर्ट की ओर डक्ट बनाने का काम चलेगा और इस काम को एक महीने में पूरा करने को कहा गया है। इसके बाद फिर विंटर सीजन शुरू हो जाएगा और तब बर्फबारी होगी जिससे काम नहीं हो पाएगा। इससे पहले छोटा शिमला की ओर काम को पूरा कर दिया गया है।
फिलहाल ओक ओवर से होते हुए छोटा शिमला और राजभवन को जाने वाला मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। ओक ओवर से आगे कुछ दूरी पर यह मार्ग छोटा शिमला व राजभवन के लिए खुला है लेकिन यहां से न तो हाई कोर्ट की तरफ आया जा सकता है और न ही यूएसक्लब की ओर जा सकते हैं। ऐसे में अब यूएसक्लब की ओर से आने वाले वाहनों को सीधे लिफट या कमला नेहरू अस्पताल की ओर से भेजा जा रहा है। अब जब तक यह काम पूरा नहीं होता तब तक इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सुबह इस काम का जायजा लिया जिनके साथ विधायक भवानी सिंह पठानिया और सीएम के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान साथ में थे। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों से भी बात की और बाद में अधिकारियों को सचिवालय में तलब किया।