राज्य ब्यूरो प्रमुख। शिमला
शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि पेंशनरों ने प्रदेश भर में प्रदर्शन किया जिनकी मांगें जायज हैं। पूर्व भाजपा सरकार के पास खुला पैसा था क्योंकि तब उन्हें 50 हजार करोड़ रूपए ज्यादा मिले। तब राजस्व घाटा अनुदान भी 10 हजार करोड़ मिलता था जबकि हमें राजस्व घाटा अनुदान राशि 3 हजार करोड़ मिल रही है। बावजूद इसके पूर्व भाजपा सरकार ने न तो कर्मचारियों की देनदारी चुकाई और न ही पेंशनरों की। पेंशनरों की मांगें जायज हैं जिन्हें सरकार पूरा करेगी।
सीएम ने कहा कि पेंशनर अपना डीए व एरियर मांग रहे हैं। सरकार ने 75 साल से ऊपर के पेंशनरों को डीए व एरियर दे दिया है जबकि 70 साल से ऊपर वालों के लिए भी बजट में घोषणा की गई है। उनकी मांग पर दीपावली के मौके पर तीन फीसदी डीए दिया गया है। सभी को एरियर भी मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी सरकार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और हालत ठीक होते ही सभी को डीए व एरियर दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेंशनरा वरिष्ठ लोग हैं जिनका मान सम्मान करते हैं।
एचआरअीसी के पेंशनरों को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा कि उनको भी 10 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि अभी जारी करने के आदेश दे दिए गए हैं ताकि इस बार की पेंशन उन्हें मिल जाए। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को सरकार 57 करोड़ रूपए की ग्रांट कर्मचारियों के वेतन व पेंशन की अदायगी के लिए देती है। एचआरटीसी को सरकार स्टेंरथन करने पर गंभीरता से काम कर रही है जिसके नतीजे जल्दी सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी में हैवी स्टाफ है, इसे पांव पर खड़ा करना है जिसपर सरकार काम कर रही है। जल्दी ही इनके कष्ट भी दूर हो जाएंगे।








