शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के तीन साल का कार्यकाल अगले माह पूरा होने जा रहा है, वहीं प्रदेश में ठंडी हवाओं के बीच सियासी गर्माहट बढ़ती जा रही है। आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के भीतर गुटबाजी को लेकर एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है और ये सभी गुट “कलियुगी पांडव” हैं। सुक्खू ने तंज कसते हुए कहा कि असली पांडव तो अपने अधिकारों और सत्य की लड़ाई लड़ते थे, लेकिन भाजपा के ये कलियुगी पांडव केवल सत्ता और स्वार्थ की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई कभी नहीं लड़ी।
सुक्खू ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 की आपदा में हिमाचल को केंद्र से कोई मदद नहीं मिली। प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपये की घोषणा की थी, लेकिन अब तक प्रदेश को एक रुपया भी नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के नेता हिमाचल के अधिकारों के लिए प्रधानमंत्री के पास गए? मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश के आपदा प्रभावित लोगों के लिए एकजुट होकर केंद्र से सहायता मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के हित के लिए काम करना चाहती है, तो कांग्रेस सरकार उसका स्वागत करेगी।
दरअसल, मुख्यमंत्री के बयान से पहले केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी पिछले कल शिमला में एक कार्यक्रम के दौरान पलटवार करते हुए कहा था कि भाजपा में पांच गुट नहीं बल्कि पांच “पांडव” हैं, जो हिमाचल में “कौरवों पर भारी पड़ेंगे”। इस पर सुक्खू ने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा के ये पांडव जनता की सेवा नहीं बल्कि एक-दूसरे से आगे निकलने की राजनीति कर रहे हैं।