शिक्षा विभाग में पदोन्नत होने वाले प्रिंसिपल प्रमोशन फाइल रूक गई है। कार्मिक विभाग पदोन्नति फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहा है। 6 मई को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद भी कार्मिक विभाग इस पर कुछ कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिसके चलते 805 पदों पर होने वाली प्रिंसिपल की पदोन्नति रूक सी गई है।
6 मई को शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए थे कि प्रवक्ता और हेडमास्टर से प्रिंसिपल प्रमोशन की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। इसके बावजूद 805 पदों पर होने वाली प्रिंसिपल पदोन्नति सूची आज तक जारी नहीं हुई है। कार्मिक विभाग को यह फाइल अविलंब क्लीयर करने के लिए राजकीय टीजीटी कला संघ ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री और कार्मिक विभाग सचिव को भेजा है।
यह जानकारी देते हुए संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने बताया कि वर्ष 2023 में 380, वर्ष 2024 में 318 प्रिंसिपल रिटायर हो गए हैं और वर्ष 2025 में 288 प्रिंसिपल दिसंबर माह तक रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में 3 वर्ष में 906 प्रिंसिपल के पद सेवानिवृत्ति से रिक्त हो गए हैं। 27 मई 2023 को 191 हेडमास्टर और 65 प्रवक्ता और दिसंबर 2023 में लेफ्ट आउट 37 शिक्षकों को प्रिंसिपल प्रमोशन दी गई थी।
तब से अब तक 200 हेडमास्टर और 100 से ज्यादा प्रवक्ता बिना प्रमोशन रिटायर हो गए हैं। वर्ष 2020 में हेडमास्टर बन चुके 200 शिक्षक भी अब तक प्रिंसिपल नहीं बने हैं और वर्ष 1999 में नियुक्त प्रवक्ता भी प्रिंसिपल पदोन्नति की प्रतीक्षा में हैं।
पदोन्नति में इतने ज्यादा ठहराव से टीजीटी कैडर के शिक्षक अब रिटायरमेंट तक प्रिंसिपल पदोन्नति भी नहीं पा सकेंगे। जबकि दो दशक पहले वे संयुक्त निदेशक पद तक पदोन्नति पा रहे थे। 18 जून 2024 को प्रवक्ता से प्रिंसिपल प्रमोशन के लिए बायो डाटा मांगा गया था और 9 दिसंबर 2024 को 32 हेडमास्टर से प्रिंसिपल प्रमोशन के लिए एसीआर मांगी गई थी। मगर लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जा रही प्रमोशन में कभी पुराने नियमों पर क्लैरिफिकेशन का हवाला मांगते हुए फाइल शिक्षा विभाग और कार्मिक विभाग को भेजी जा रही है तो कभी आपत्तियां लगाकर इसे लौटाया जा रहा है।
हेडमास्टर प्रमोशन सूची करें जारी
संघ ने 270 टीजीटी और प्रमोटी प्रवक्ता से प्रिंसिपल प्रमोशन की फाइल भी शीघ्र जारी करने की अपील प्रदेश सरकार से की है। यह फाइल केवल आदेश के लिए लंबित है और डीपीसी भी हो चुकी है।