नशा तस्करों से जुड़े 16 पुलिसकर्मी एक साल में बर्खास्त
शिमला। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि खाकी वर्दी पर किसी तरह का दाग नहीं लगने देंगे। उन्होंने कहा कि विभाग में कुछ काली भेड़ें है, जिन्हें चिन्हित कर सख्ती से बाहर निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल अब तक 16 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है जोकि नशा तस्करों के साथ जुड़े हुए थे।
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि विभाग में अनुशासन बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों से जुड़े किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगीए चाहे उसकी भूमिका प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष। डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 16 पुलिसकर्मियों को नौकरी से हटाया जा चुका है। इनमें से कुछ के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज थे, जबकि कुछ पर नशा तस्करों को संरक्षण देने के आरोप थे।

अशोक तिवारी ने कहा कि जैसे हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, उसी तरह हर पुलिसकर्मी भी एक जैसा नहीं होता। उन्होंने माना कि विभाग में कुछ काली भेड़ें हैं, लेकिन उन्हें चिन्हित कर सख्ती से बाहर किया जा रहा है, ताकि पुलिस की छवि साफ बनी रहे। बहुचर्चित चेस्टर हिल मामले पर पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामला अभी जांच के दायरे में है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। संबंधित विभाग इस पर आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
डीजीपी ने साफ संकेत दिए कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी। यदि सरकार की ओर से कोई विशेष जिम्मेदारी दी जाती है, तो पुलिस विभाग उसे पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से निभाएगा। हिमाचल पुलिस का यह सख्त रुख साफ दर्शाता है कि विभाग अब अपनी छवि को साफ रखने के लिए गंभीर है। नशे के खिलाफ इस मुहिम में दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।







