हिमाचल प्रदेश में भर्ती होने वाले डॉक्टर भी दो साल की जॉब ट्रेनी पर रखे जाएंगे। वित्त विभाग ने पहले चरण में 100 डॉक्टरों के पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। इन डॉक्टरों की तैनाती पीएचसी और सीएचसी में की जाएगी। जहां पर डॉक्टरों के पद खाली पड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों के पदों को भरने की फाइल राज्य चयन आयोग को भेजेगा। इसके बाद बचे हुए 100 पदों को अगले चरण में भरा जाएगा। राज्य सरकार ने 200 डॉक्टरों के पदों को भरने की मंजूरी दी है।
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टरों के पद खाली है। जिससे की लोगों को उपचार करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज के इलाकों से बड़े अस्पतालों में पहुंच कर उपचार करनावा पड़ रहा है। ऐसे में हिमाचल सरकार ने डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए 200 नए पदों को भरने का निर्णय लिया है। भर्ती के बाद इन डॉक्टरों को 39 हजार 100 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। दो साल का जॉब ट्रेनी पीरियड पूरा करने के बाद इन्हें रेगुलर किया जाएगा।
हालांकि सरकार एक साथ 200 डॉक्टरों के पद भरना चाह रही है, लेकिन अधिकारी 100-100 कर डॉक्टरों के पदों को भरना चाह रही है। वित्त विभाग से 100 डॉक्टरों के पदों को भरने की मंजूरी मिलने के बाद अब भर्ती प्रक्रिया का प्रोसेस आगे बढ़ाया जाएगा।
हिमाचल में रहती है डॉक्टरों की कमी
हिमाचल के पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टरों का आभाव रहता है। छोटे अस्पतालों में डॉक्टरों के नहीं मिल पाने से मरीजों को बड़े अस्पतालों का रूख करना पड़ता है। ऐसे में बड़े अस्पतालों पर ज्यादा प्रेशर आ जाता है। इसी कमी को दूर करने के लिए तय कॉडर से अधिक डॉक्टरों के पद सरकार भर रही है, ताकि मरीजों को घरद्वार ही उपचार मिल सके।
जल्द ही डॉक्टरों के 100 पद भरने का प्रोसेस शुरू हो जाएगा। राज्य चयन आयोग इन पदों को भरने के लिए परीक्षा का आयोजन करवाएगा। पीएचसी और सीएचसी में इन डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। -एम सुधा देवी, स्वास्थ्य सचिव।