हिमाचल दस्तक ब्यूरो। धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन की ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से धर्मशाला में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए पेंशन फोरम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमरनाथ सेठी ने कहा कि मुख्यमंत्री को जल्द से जल्द कमेटी के साथ बैठकर सभी मुद्दों पर जल्द से जल्द बात करनी चाहिए। इसके लिए सात अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया गया है, इसके बाद सात अगस्त को राज्यस्तरीय आंदोलन का बिगुल बजाया जाएगा।
ज्वाइंट कमेटी में सभी वर्गों को किया शामिल
ज्वाइंट कमेटी में बिजली बोर्ड के सभी वर्गों को शामिल किया गया है, जिसमें पेंशनर्ज भी शामिल है। पेंशनर्ज 30 हजार, जबकि सेवाएं मात्र 13 हजार दे रहे हैं। ऐसे में बोर्ड को बन्द करने की साजिश की जा रही है, पदों को समाप्त किया जा रहा है। इसमें अब हजारों पदों को खत्म कर दिया गया है। जबकि 12 हजार स्वीकृत पद भरने को पेंडिंग चल रहा है। अब टी-मेट के पदों पर कभी बिजली मित्र व ट्रेनी रखने की बात कही जा रही है। पेंशन के रिवाइज्ड सभी वित्तीय लाभ, चार फीसदी पेंडिंग डीए, ओपीएस सहित अन्य मांगों को जल्द से जल्द पूरा किए जाने की मांग सरकार से रखी है। विभिन्न स्थानों पर छह महापंचायत व सातवीं धर्मशाला महापंचायत होने पर अब धरना-प्रदर्शन न किए जाने को नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है।
अमरनाथ सेठी ने बिजली बोर्ड में तैनात अधिकारियों पर भी कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाए। जिसमें अधिकारियों की ओर से कई अनियमितताएं व मनमर्जी से काम कर रहे हैं, जिसमें कई ठेकेदारों को बकाया बजट पेमेंट दे दी गई। खिलनी रेस्ट हाऊस में लाखों रुपए खर्च किए गए है, जबकि वंहा भी कई गड़बड़ के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने उक्त मामलों की जांच करने की मांग रखी है।
कमेटी के वरिष्ठ सदस्य प्रतिक कुमार धीमान ने कहा कि कर्मियों को उनकी मांगों पर बात करने पर अब प्रताड़ित किए जाने का कार्य किया जा रहा है। इन हरकतों को जल्द से जल्द रोकने की बात रखी है।
राज्य उपाध्यक्ष पेंशनर्ज संघ पवन मोहन ने कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम ओपीएस बिजली बोर्ड कर्मियों को प्रदान नहीं की जा रही है। इसे लेकर अब राज्य भर में महापंचायत आयोजित की जा रही है। ऐसे में अब कर्मियों को अपनी बात रखने से रोक रहे हैं, तो वह बताए कि अपनी बात रखने व मांगों को लेकर कंहा जाएं। इसका जबाव दिया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से उचित जांच करते हुए बिजली बोर्ड के कुछेक अधिकारियों को जल्द बाहर किए जाने की मांग रखी है।
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