हिमाचल दस्तक, बिलासपुर।
बिलासपुर में पूर्व कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। मंगलवार को बंबर ठाकुर ने अपने ऊपर हुए हमले के विरोध में रैली का आयोजन किया था। रैली उसी समय निकाली गई जब केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा का काफिला गुजरने वाला था। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने रैली को रोकने की कोशिश की।
पुलिस के मना करने पर बंबर ठाकुर और उनके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान ASP शिव कुमार चौधरी को बंबर ठाकुर ने गालियां दीं और धक्का देकर एक तरफ हटाया। हालांकि स्थिति को तुरंत काबू कर लिया गया। इस बवाल के बाद नड्डा के काफिले का रूट भी बदलना पड़ा।
अज्ञात लोगों ने हमला करने का प्रयास किया
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि बीती शाम जब वह अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ कुनाला के पास मौजूद थे, तो कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला करने का प्रयास किया। यह लोग दो गाडिय़ों में सवार होकर आए थे। और हथियारबंद थे। लेकिन, सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी से हमला टल गया। इसकी उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है। लेकिन, अभी तक उन अज्ञात लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एएसपी की मिलीभगत से हमेशा हमलावर पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहते हैं।
गौरतलब है कि बंबर ठाकुर हमेशा से विवादों में रहे हैं। कुछ महीने पहले होली के दिन उन पर गोलियां चलने का मामला सामने आया था, जिसमें काफी बवाल मचा था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। घटना के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, बंबर ठाकुर का कहना है कि उनके ऊपरओके हमले की जांच नहीं हुई, इसलिए उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि पुलिस का तर्क है कि रैली को रोकना सुरक्षा इंतजाम का हिस्सा था। इस ताजा विवाद के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बंबर ठाकुर की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।





