विजय ठाकुर। सरकाघाट
चीन से 1962 और पाकिस्तान से 1965 व 1971 की लड़ाई लड़ चुके 87 वर्षीय भक्त राम ठाकुर गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प में शहीद हुए 20 वीर जवानों की शहादत से दुखी नजर आए।
उन्होंने मीडिया से अपने विचार साझा करते हुए कहा कि मैंने चीन और पाकिस्तान के साथ लड़ाई लड़ी है। हमने उनकी सेना के दांत खट्टे कर दिए थे लेकिन सैनिक उनके भी मरे और हमारे भी, लेकिन मसला आज तक हल नहीं हो पाया है।
उपमंडल धर्मपुर की ग्राम पंचायत सिंद्धपुर के गांव त्योग के निवासी भक्त राम ठाकुर ने कहा कि मेरी बहादुरी के लिए मुझे सरकार ने एक दर्जन मेडल देकर सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि जो लड़ाई लड़ता है, उसको पता होता कि इसके क्या परिणाम होते हैं।
अगर दुश्मन नहीं मान रहा हो और लड़ाई के लिए बार-बार ललकारे तो युद्ध करो, मगर अपने आप को भी बचाओ और देश को भी, हो सके तो लड़ाई के मसले को बैठकर सुलझाना ही बेहतर होता है, नहीं तो लड़ाई से जहां जानमाल का नुकसान होता है, वहीं देश की तरक्की भी रुक जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि देश को मजबूत प्रधानमंत्री मिला है। उसे पता है कि दुश्मन को कैसे जवाब देना है।








