शैलेश सैनी। नाहन
जिला सिरमौर से संबंध रखने वाले ऊर्जा मंत्री के गृह जिला को सरकार से ऊर्जा क्षेत्र में नजर-ए-इनायत की दरकार है। जिला का मुख्य गिरी पावर हाउस अब बुरी तरह से हांफने लग पड़ा है। 1978 में शुरू हुए इस पावर हाउस में 60 मेगावाट की जगह केवल 50 और 52 मेगावाट बिजली ही जेनरेट हो पा रही है।

बड़ी बात तो यह है कि इस पावर हाउस के रिनोवेशन और मॉडर्नाइजेशन के लिए 370 करोड़ रुपये के बजट की एक स्कीम भी बनाई गई है। बावजूद इसके अभी तक यह योजना सुस्त प्रक्रिया के चलते ठंडे बस्ते में पड़ी है। इस योजना के तहत इस पूरे पावर हाउस का जीर्णोद्धार होगा। इसमें आधुनिक टरबाइन के साथ-साथ उम्दा किस्म का आधुनिक जनरेटर भी लगाया जाना है। इसके रेनोवेशन और मॉडर्नाइजेशन में आधुनिक ट्रांसफार्मर के साथ-साथ एक्जिलेरी सिस्टम हेड रेस्ट टनल आदि की स्ट्रैंथनिंग भी की जानी है।
अब यदि गिरी नदी पर बने इस पावर हाउस को पूरी तरह से आधुनिक किया जाता है तो पावर हाउस 60 से 65 मेगावाट तक की बिजली जेनरेट कर पाने में सक्षम होगा। यही नहीं जहां यह पावर हाउस साल में 20 करोड़ यूनिट जनरेट करता है। मॉडर्नाइजेशन के बाद 25 से 30 करोड़ यूनिट हर वर्ष जनरेट कर पाने में सक्षम हो जाएगा। मौजूदा समय यह पावर हाउस करीब 60 करोड़ की इनकम की जगह 65 से अधिक करोड़ की इनकम जनरेट कर कमाऊपूत साबित होगा।
बता दें कि रेगुलेटरी कमीशन फेवरेट के अनुसार फिलहाल एक यूनिट का 95 पैसा हिमाचल प्रदेश स्टेट बिजली बोर्ड लिमिटेड को मिलता है। पहले उत्पादन क्षमता के साथ-साथ रेगुलेटरी कमीशन को दी जाने वाली बिजली के अलावा 40 से 30 मेगावाट बिजली सर प्लस रखी जाती थी, जिसे बिजली बोर्ड जनरल रेट पर यानी के 3 रुपये प्रति यूनिट बेचता था।
चूंकि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री जिला सिरमौर से संबंध रखते हैं। लिहाजा जिला के लोग सरकार से यह भी उम्मीद रखते हैं कि जिला में ऊर्जा उत्पादन के नए रिसोर्स के साथ-साथ पुराने पड़ चुके बिजली उत्पादन संयंत्रों को आधुनिक किया जाए। बताना जरूरी है कि श्री रेणुका जी डैम प्रोजेक्ट भी अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा है। इस डैम के निर्माण को लेकर तमाम औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
अब केवल केंद्र सरकार के द्वारा इसकी पहली किस का बजट जारी किया जाना है, जिसके बाद जिला में रोजगार की अपार संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।
उधर ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया कि गिरी पावर हाउस के रेनोवेशन और मॉडर्नाइजेशन को लेकर जल्द बैठक भी रखी जाएगी।
उधर एससी जेनरेशन मोहिंदर कुमार चोपड़ा ने बताया कि गिरी पावर हाउस में मौजूदा समय 50 से 52 मेगावाट तक ही बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।










