शिमला। राज्य सरकार ने छात्रों की जीरो इनरोलमेंट वाले 24 सरकारी स्कूलों को डिनोटिफाई कर दिया है। इसमें 19 प्राइमरी और 5 मिडल स्कूल शामिल है। शिक्षा सचिव राकेश ने इस बाबत बुधवार को आदेश जारी किए। शिक्षा विभाग की माने तो इन स्कूलों में एक भी बच्चा पंजीकृत नहीं था। इस वजह से स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस साल भी दाखिले का आंकलन कर जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या जीरो होगी, उन स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि जिन स्कूलों में छात्र ही नहीं हैं, उन्हें चलाए रखने से सरकार का बेवजह बजट खर्च हो रहा है। ऐसे में इन स्कूलों को बंद कर शिक्षकों और संसाधनों का बेहतर उपयोग अन्य स्कूलों में किया जाएगा, जहां छात्रों की संख्या अधिक है। ये स्कूल शिमला, सिरमौर, सोलन और लाहौल और स्पीति जिलों में स्थित हैं।
शिमला जिले के 16 स्कूल
सरकार द्वारा बंद किए गए स्कूलों में शिमला जिले में सबसे ज्यादा 15 प्राइमरी और 1 मिडिल स्कूल डिनोटिफाई किए गए हैं। इनमें टिक्कर, कुमारसैन, ठियोग, रामपुर, जुब्बल, चौहारा, नेरवा, कुपवी और सुन्नी जैसे शिक्षा खंडों के स्कूल शामिल हैं। वहीं शिमला जिला का एक सराहन बुशेहर के रनपू स्कूल को भी डिनोटिफाई किया गया है।
सिरमौर के 3 और सोलन का 1 स्कूल बंद
सिरमौर जिले में राजगढ़, नारग और सुरला ब्लॉक के 3 प्राइमरी स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि सोलन के कंडाघाट क्षेत्र का एक प्राइमरी स्कूल भी सूची में है।
लाहौल-स्पीति के 4 स्कूल बंद
लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर और केलांग क्षेत्रों के 4 मिडिल स्कूलों को भी डी-नोटिफाई किया गया है।
अधिकारियों को जल्द कार्रवाई करने के आदेश
सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया कि इन स्कूलों में तैनात शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों, भवन, रिकॉर्ड और अन्य संसाधनों का समायोजन सरकार द्वारा पहले जारी दिशा-निर्देशों के तहत किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी कर तत्काल अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा निदेशालय ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस आदेश पर कार्रवाई करें और सभी कोडिंग व प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी करें।







