नई दिल्ली। दिवाली से ठीक पहले केंद्र सरकार ने आम लोगों और कारोबारियों को राहत देते हुए जीएसटी (GST) दरों में बड़ा बदलाव किया है। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में लिए गए ये फैसले 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे। इसका असर रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर लग्जरी सामान और मनोरंजन सेवाओं तक दिखाई देगा।
रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती…
दूध: अब सिर्फ सादा दूध ही नहीं बल्कि UHT दूध (पैकेट वाला गर्म करके बंद किया जाने वाला दूध) भी टैक्स-फ्री कर दिया गया है।
प्लांट-बेस्ड दूध: पहले 12% से 18% तक टैक्स लगता था, अब इसे घटाकर सिर्फ 5% कर दिया गया है।
ब्रेड और पराठा: अब किसी भी नाम से बिकने वाली सभी तरह की ब्रेड टैक्स-फ्री होगी।
पनीर: पहले सिर्फ बिना पैकेट वाले पनीर पर टैक्स छूट थी, अब पैकेट और लेबल वाले पनीर पर भी टैक्स घटाया गया है।
कृषि उपकरण: किसानों को राहत देने के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप सिस्टम और फसल काटने वाली मशीनों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
वाहन और परिवहन क्षेत्र पर असर…
छोटी कारें (पेट्रोल, CNG, LPG – 1200cc तक और डीजल – 1500cc तक, लंबाई 4000 मिमी तक): अब टैक्स 28% से घटकर 18%।
बड़ी कारें और SUV: इंजन 1500cc से ज्यादा और लंबाई 4000 मिमी से अधिक होने पर अब 40% जीएसटी देना होगा।
सेवाओं पर बड़ा बदलाव…
हेल्थ इंश्योरेंस: अब सभी व्यक्तिगत योजनाएं (फैमिली फ्लोटर, सीनियर सिटीजन आदि) पूरी तरह टैक्स फ्री होंगी।
होटल: 7500 रुपये/दिन तक के रूम पर अब केवल 5% जीएसटी लगेगा, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा।
सैलून, जिम और योगा सेंटर: पहले 18% टैक्स लगता था, अब सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा।
लग्जरी और हानिकारक वस्तुएं महंगी…
शराब, सिगरेट, तंबाकू: इन पर टैक्स बाद में लागू होगा, जब तक राज्यों का कर्ज और ब्याज पूरा न चुक जाए।
अन्य गैर-अल्कोहलिक पेय: अब सभी पर एक समान 40% टैक्स।
फल वाले कार्बोनेटेड पेय: मुआवजा सेस हटाकर टैक्स बढ़ाया गया, ताकि पुराना स्तर बना रहे।
मनोरंजन और खेलों पर असर…
जुआ, लॉटरी, घुड़दौड़, कैसीनो, ऑनलाइन गेमिंग: अब सब पर एक समान 40% जीएसटी लगेगा।
IPL जैसे गैर-मान्यता प्राप्त खेल आयोजन: इन पर भी 40% टैक्स लगेगा।
मान्यता प्राप्त खेल आयोजन: उन पर यह दर लागू नहीं होगी।
स्पोर्ट्स इवेंट टिकट: 500 रुपये तक के टिकट टैक्स-फ्री, 500 रुपये से ऊपर पर 18% टैक्स।
क्यों किया गया ये बदलाव?
सरकार का कहना है कि टैक्स स्ट्रक्चर को सरल और समान बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। आम जरूरत की चीजों पर बोझ घटाकर जनता को राहत दी गई है, वहीं लग्जरी और हानिकारक चीजों पर टैक्स बढ़ाकर राजस्व को मजबूत किया जाएगा।