पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच ग्राम पंचायत भटोली से एक बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत में लाखों रुपये के वित्तीय गबन के आरोपों की पुष्टि के बाद जिला पंचायत अधिकारी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत भटोली की महिला प्रधान को निलंबित कर दिया है, जबकि पंचायत के पूर्व सचिव को चार्जशीट किया गया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और करीब 7 लाख की राशि की रिकवरी के बाद की गई है।
बता दें कि वर्ष 2018 से 2023 की ऑडिट रिपोर्ट रिपोर्ट में सामने आया कि इन पांच वर्षों के दौरान पंचायत के खातों में लगभग सवा पांच लाख रुपये से अधिक का हेरफेर हुआ है। जांच टीम ने पाया कि इस अवधि में तत्कालीन प्रधान सरिता देवी, मौजूदा प्रधान हरपाल कौर और तत्कालीन पंचायत सचिव अमनदीप ऐरी ने कई वित्तीय गड़बडिय़ां कीं। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक हेराफेरी झाडिय़ों और नालियों की सफाई के नाम पर की गई। कई भुगतानों के समय न तो पंचायत प्रधान के हस्ताक्षर थे और न ही किसी अन्य कमेटी सदस्य की अनुमति दर्ज थी। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि पंचायत फंड से कई भुगतान ऐसे व्यक्तियों को किए गए जिनकी उपस्थिति या कार्यस्थल पर कोई पुष्टि नहीं थी। इसके अतिरिक्त, पंचायत द्वारा सोलर लाइटें, पाइपें, हैंड सेनेटाइजऱ और अन्य सामग्री की खरीद बिना किसी निविदा प्रक्रिया (टेंडर) के की गई, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस तरह की कई खरीदों में मूल्य अधिक दिखाया गया और रसीदें भी अधूरी पाई गईं।
गड़बडिय़ों की पुष्टि के बाद डीपीओ ऊना कार्यालय की ओर से मौजूदा प्रधान, पूर्व प्रधान और संबंधित सचिव को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए थे। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसके बाद लगभग 7 लाख रुपये की राशि पंचायत खाते में वापस जमा करवाई गई।
नोटिस के जवाब और ऑडिट रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद डीपीओ ने पंचायत को निलंबित करने और पूर्व सचिव को चार्जशीट करने का निर्णय लिया।
जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कश्यप ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधान को निलंबित कर दिया गया है और पूर्व सचिव को चार्जशीट किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के मामलों को रोकने के लिए विभाग पंचायतों की वित्तीय गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करेगा।