बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के मंत्री अनिरुद्ध सिंह द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी से मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में भाजपा अब पूरी तरह आक्रामक हो गई है। विपक्ष इस मामले को उछाल कर सुक्खू सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
आज शनिवार को बिलासपु पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि शिमला के भट्ठाकुफर में एनएचएआइ अधिकारियों से मारपीट का मामला चिंताजनक है। इस तरह की घटनाओं से एक तो देवभूमि संस्कृति को धक्का लगता है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में रक्षक की भक्षक हो जाए तो उससे क्या आशा की जा सकती है। जिनके हाथों में कानून की रक्षा का जिम्मा है, वे अपने हाथों में कानून ले लें, ये कैसी सरकार चल रही है, यह इसका जीता जागता नमूना है।
दो विषयों पर सीएम को चिट्ठी लिखेंगे
नड्डा ने बताया कि वह दो विषयों के बारे में मुख्यमंत्री से बात भी करेंगे और चिट्ठी भी लिखेंगे। एक विषय जितने भी NHAI द्वारा जो काम चल रहा है उनको उद्योग से बाहर किया जाए क्योंकि सड़क निर्माण इंडस्ट्री की परिभाषा में नहीं आता जबकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसे उद्योग की श्रेणी में डाल दिया है। इस कारण केंद्र द्वारा प्रदेश में सड़क निर्माण की परियोजनाओं में अनावश्यक देरी हो रही है और उसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कई मामलों में एनओसी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए हॉट मिक्सिंग प्लांट और स्टोन क्रशर के लिए हर साल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी लेनी पड़ रही है। इस कारण सड़क निर्माण परियोजनाओं में देर हो रही है।
नड्डा ने कहा कि दूसरा विषय ड्रेजिंग का है, व्यास नदी के इर्द-गिर्द इस विषय के बारे में काफी चिंता करने की आवश्यकता है और प्रदेश सरकार को इसके बारे जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए। सुमदो काजा सड़क की सैंक्शन 2024 में मिल गई थी और यह काम बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन कर रही है पर राज्य सरकार अभी तक इसकी फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं दे पा रही है अगर यह क्लीयरेंस जल्दी आ जाए तो काम जल्दी चलेगा।








