उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित की गई समिति 10 दिन के भीतर सौंपेगी अपनी रिपोर्ट
शिमला । हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों को जल्द शिक्षक मिलेंगे। सरकार का अब शिक्षक नियुक्ति पर फोकस बढ़ गया है। राज्य सरकार ने इस विषय पर निर्णय लेने के लिए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक अगले दो दिनों में सचिवालय में बुलाने का फैसला किया है। समिति शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से की जाए और चयन के मानदंड क्या होने चाहिए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 10 दिनों के भीतर इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
147 प्रिंसिपलों को मेरिट के आधार पर स्कूल किए जा चुके हैं आवंटित
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की थी। इसके लिए विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों में से 5,623 शिक्षकों की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया गया था। चयन प्रक्रिया के तहत हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के माध्यम से स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 9,821 शिक्षकों ने भाग लिया। इनमें से 6,084 शिक्षक मेरिट सूची में शामिल हुए थे। शिक्षा विभाग ने मेरिट सूची में आए शिक्षकों की काउंसलिंग का कार्यक्रम भी जारी कर दिया था। इसी क्रम में 147 प्रिंसिपलों की काउंसलिंग पूरी कर उन्हें मेरिट के आधार पर स्कूल आवंटित किए जा चुके हैं। हालांकि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठे विभिन्न सवालों के कारण मामला फिलहाल समिति के विचाराधीन है।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का रुझान बढ़ा
इस बीच सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का रुझान बढ़ा है। शिक्षा निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले सरकारी स्कूलों में इस वर्ष 4,243 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन स्कूलों में 78,474 विद्यार्थी नामांकित थे, जबकि सत्र 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 82,717 पहुंच गई है। इससे स्पष्ट है कि अभिभावकों और विद्यार्थियों का भरोसा सरकारी सीबीएसई स्कूलों की ओर बढ़ रहा है।
जल्द नियुक्त नहीं हुए शिक्षक तो बढ़ सकती है दिक्कतें
गौर हो कि सीबीएसई स्कूलों में शैक्षणिक सत्र की शुरूआत हो चुकी है। अगर इन स्कूलों में जल्द अलग से शिक्षकों को नियुक्त नहीं किया जाता है, तो आने वाले समय में दिक्कत भी खड़ी हो सकती है। सीबीएसई स्कूलों से छात्रों की इनरोलमेंट कम होने का भी खतरा मंडरा रहा है।








