शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के अपराध के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। विधानसभा में मंगलवार को सरकार की ओर से पेश आंकड़ों के मुताबिक 31 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 309 हत्या और महिलाओं से बलात्कार के 1,287 मामले दर्ज हुए। इनमें बड़ी संख्या में मामले अभी अदालतों में विचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करसोग के विधायक दीपराज के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी सदन में दी। आंकड़ों में हत्या, चोरी, डकैती और अपहरण के साथ महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति भी सामने आई है।

तीन साल में हत्या के 309 मामले, सिर्फ 5 में सजा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक तीन वर्षों में प्रदेश में हत्या के 309 मामले दर्ज किए गए।
इन मामलों में:
- 5 मामलों में आरोपितों को सजा हुई।
- 6 मामलों में आरोपित बरी हुए।
- 233 मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। इससे पता चलता है कि हत्या के दर्ज मामलों का बड़ा हिस्सा अभी न्यायिक प्रक्रिया में है।
महिलाओं से दुष्कर्म के 1287 केस दर्ज
इसी अवधि में प्रदेश में महिलाओं से बलात्कार के 1,287 मामले दर्ज किए गए।
इनमें:
- 66 मामलों में सजा हुई।
- 219 मामलों में आरोपित बरी हुए।
- 775 मामले अदालतों में विचाराधीन हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़ों में बलात्कार के अलावा छेड़छाड़, उत्पीड़न, महिलाओं की हत्या और शोषण के मामले भी शामिल हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4379 मामले
सरकार के लिखित जवाब के अनुसार तीन वर्षों में महिलाओं से जुड़े अपराधों के कुल 4,379 मामले दर्ज हुए।
इनमें:
| अपराध | मामले |
|---|---|
| बलात्कार | 1,287 |
| छेड़छाड़ | 435 |
| उत्पीड़न | 646 |
| महिलाओं की हत्या | 96 |
| शोषण | 1,915 |
| कुल | 4,379 |
सरकार के जवाब में यह भी बताया गया कि इन अपराधों से संबंधित 9,030 मामलों का समाधान हो चुका है, जबकि 1,026 मामलों में जांच जारी है।
हत्या के मामलों में शिमला सबसे आगे
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो हत्या के मामलों में शिमला जिला सबसे आगे रहा। तीन वर्षों में यहां 50 हत्याएं दर्ज हुईं।
इसके बाद:
- कांगड़ा पुलिस जिला – 35
- मंडी पुलिस जिला – 30
- बद्दी पुलिस जिला – 27
- सोलन – 24
- कुल्लू – 23
- चंबा – 22
- ऊना – 21
- सिरमौर – 20
- बिलासपुर – 18
- नूरपुर पुलिस जिला – 11
- देहरा – 8
- किन्नौर – 8
- लाहौल पुलिस जिला – 0
चोरी के मामलों में भी शिमला सबसे आगे
तीन वर्षों में प्रदेश में चोरी के कुल 3,481 मामले दर्ज हुए। इनमें भी शिमला सबसे आगे रहा, जहां 455 चोरी के मामले सामने आए। इसके विपरीत लाहौल में चोरी के सबसे कम 9 मामले दर्ज हुए। वहीं पूरे प्रदेश में डकैती के 13 मामले सामने आए।
मंडी में सबसे ज्यादा अपहरण के मामले
अपहरण के मामलों की बात करें तो प्रदेश में कुल 1,970 मामले दर्ज हुए। इनमें सबसे ज्यादा 302 मामले मंडी में सामने आए। वहीं लाहौल में अपहरण के सबसे कम 2 मामले दर्ज हुए।
मंडी में बलात्कार के ज्यादा मामले
महिलाओं से बलात्कार के ज्यादा मामले मंडी में सामने आए हैं । यहां तीन वर्षों में 187 मामले दर्ज किए गए।
इसके बाद:
- शिमला – 168
- सिरमौर – 168
- कांगड़ा – 130
- चंबा – 114
- कुल्लू – 90
- सोलन – 88
- ऊना – 68
- लाहौल-स्पीति – 3
आंकड़ों के अनुसार लाहौल-स्पीति में बलात्कार के मामले सबसे कम दर्ज हुए।
महिलाओं की हत्या के मामलों में भी शिमला आगे
महिलाओं की हत्या के कुल 96 मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे ज्यादा 16 मामले शिमला में सामने आए। जिलेवार आंकड़ों में मंडी में 13, कांगड़ा में 10, चंबा, कुल्लू और सोलन में 8-8, ऊना में 7, जबकि बद्दी, बिलासपुर और सिरमौर में 5-5 मामले दर्ज हुए। इसके अलावा नूरपुर में 4, देहरा और हमीरपुर में 3-3 तथा किन्नौर में महिला हत्या का एक मामला दर्ज हुआ। लाहौल-स्पीति में महिला हत्या का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
छेड़छाड़ के 435 मामले
सरकारी आंकड़ों में प्रदेश में छेड़छाड़ के 435 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें सबसे ज्यादा 78 मामले मंडी में सामने आए, जबकि लाहौल-स्पीति में ऐसे 2 मामले दर्ज हुए।
तीन साल में 5773 गंभीर अपराध
मुख्यमंत्री के लिखित जवाब के अनुसार हत्या, चोरी, डकैती और अपहरण को मिलाकर प्रदेश में तीन वर्षों में कुल 5,773 मामले दर्ज किए गए।
इनमें:
- हत्या – 309
- चोरी – 3,481
- डकैती – 13
- अपहरण – 1,970
यह आंकड़े हिमाचल में अपराध की व्यापक तस्वीर सामने रखते हैं।








