सीएम सुक्खू ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को दिया आश्वासन
शिमला । हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुक्खू से ओकओवर शिमला में मुलाकात कर कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। इस दौरान कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) और वेतन आयोग के बकाया एरियर जारी करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से लंबित डीए और एरियर के भुगतान को लेकर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।

प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा उनके देय भत्तों और अन्य लंबित मामलों के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पूरा एरियर तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के एरियर का भुगतान किया जा चुका है। शेष कर्मचारियों के एरियर का भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा।
विभाग में जल्द होगी वन रक्षकों की भर्ती
बैठक के दौरान वन विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की और वन रक्षकों के लगभग 500 पदों को समाप्त करने संबंधी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग उठाई। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन रक्षक कैडर में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी तथा विभाग में जल्द ही 200 वन रक्षकों की भर्ती की जाएगी।
मुख्यमंत्री कर्मचारियों की मांगों को पूरा करेंगे : प्रदीप ठाकुर
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार द्वारा लिए जाने वाले सभी निर्णय कर्मचारियों और प्रदेश के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर किए जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ कर्मचारियों की जायज मांगों को सकारात्मक तरीके से सरकार के समक्ष उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों की मांगों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि एरियर के भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया आश्वासन प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा है।








